अमर उजाला पोल: 67% ने माना राज्यपाल की साख पर पड़ा असर
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शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि राज्यों में राज्यपालों की होने वाली नियुक्ति के प्रावधान पारदर्शी होने चाहिए। नीतीश कुमार ने कहा था कि राज्यपाल की नियुक्ति से संबंधित प्रावधान को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
ऐसा माना जा रहा था कि नीतीश कुमार का यह बयान अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हालिया घटनाक्रम से जुड़ा हुआ था। जहां राज्यपाल के रोल को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश में राज्यपाल के रवैये पर खुद सुप्रीम कोर्ट ने भी निशाना साधा था। नीतीश कुमार के इसी बयान पर अमर उजाला डॉट कॉम ने पोल किया था। हमारा सवाल था कि 'अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जो कुछ हुआ क्या उससे राज्यपाल की साख खराब हुई है?'
ये रहा पोल का रिजल्ट
इस पोल में 1,792 पाठकों ने हिस्सा लिया। सवाल के जवाब में पाठकों के समक्ष 'हां' , 'नहीं' और 'कह नहीं सकते' का विकल्प रखा गया था। 1,204 ( 67.19% ) पाठकों ने पहले विकल्प 'हां' के लिए वोट किया है।
वहीं 544 ( 30.36% ) पाठकों को ऐसा नहीं लगता कि अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जो कुछ हुआ है उससे राज्यपाल की साख खराब हुई। 44 ( 2.46% )पाठकों का कहना है कि वे इस मामले में कुछ कह नहीं सकते।