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अमर उजाला पोल: संशोधित पशु अधिनियम से 'गोरक्षा' के नाम पर होने वाली घटनाओं में कमी आएगी

Thu, 01 Mar 2018 08:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 01 Mar 2018 08:04 PM IST
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Amar ujala Poll: Mob lynching incidents decrease from Revised animal act
amar ujala poll

बुधवार (28 फरवरी) को मवेशियों की खरीद-फरोख्त के संबंध में केंद्र सरकार के नए नोटिफिकेशन पर मद्रास हाईकोर्ट द्वारा चार हफ्ते की रोक के आदेश के ठीक एक दिन बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भी एक बड़ा फैसला सुनाया। राजस्थान हाईकोर्ट ने बहुचर्चित हिंगोनिया गौशाला मामले में अपने फैसले में कहा कि केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाने के लिए राज्य सरकार प्रयास करे। साथ ही गोकशी करने वालों को आजीवन कारावास का प्रावधान कानून में शामिल करवाए।

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फैसले में कहा गया है कि केंद्र से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाने के लिए केंद्र सरकार के सामने पक्ष रखने के लिए मुख्य सचिव और महाधिवक्ता कार्यवाही करे। हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर कमेटी भी बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नए संविधान में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जा चुका है।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आपको लगता है कि संशोधित पशु अधिनियम से 'गोरक्षा' के नाम पर होने वाली घटनाओं में कमी आएगी?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 1,969 वोट मिले। इनमें 50.03 फीसदी (985 वोट) पाठकों ने माना कि संशोधित पशु अधिनियम से गोरक्षा के नाम पर होने वाली घटनाओं में कमी आएगी, जबकि 49.97 फीसदी (984 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि संशोधित पशु अधिनियम से गोरक्षा के नाम पर होने वाली घटनाओं में कमी नहीं आएगी। 

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