पोल: अमेरिकी दबाव के असर से मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया जा सकेगा
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चीन ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी की सूची में शामिल करने की राह में बार-बार रोड़े अटकाने की अपनी हरकत का बचाव किया। चीन ने शुक्रवार को उन अमेरिकी आरोपों को खारिज किया कि उसका कृत्य आतंकी संगठन जैश को प्रतिबंध से बचाने सरीखा है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बुधवार को चीन की मुसलमानों के प्रति पाखंड की आलोचना की थी। पोम्पियो ने कहा था कि चीन अपने यहां 10 लाख से ज्यादा मुसलमानों को प्रताड़ित कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ वह आतंकी संगठन जैश को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध से बचाता है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या अमेरिकी दबाव के असर से मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया जा सकेगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,454 वोट मिले। इनमें 77.62 फीसदी (3,457 वोट) पाठकों ने माना कि अमेरिकी दबाव के असर से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगान मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया जा सकेगा, जबकि 22.38 फीसदी (997 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि अमेरिकी दबाव के बावजूद मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित नहीं किया जा सकेगा।