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अमर उजाला पोल: पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु समझौते को तोड़ देना चाहिए
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 24 Sep 2016 06:19 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के उड़ी में आतंकवादी हमले और उसके बाद 18 जवानों के शहीद होने के बाद से भारत में रोष है। देश में पाकिस्तान को सबक सिखाने और उचित कार्रवाई करने की मांग उठी रही है। इसी बीच पाकिस्तान से हुए 'सिंधु जल समझौता' को तोड़ने की भी मांग शुरू हो गई है।
इसी कड़ी में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर सिंधु नदी के समझौते को रद करने संबंधी उपायों पर चर्चा की। बैठक में जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल रहे। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने समझौता रद्द करने से होने वाले नफा नुकसानों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया।
बता दें कि सिंधु नदी समझौता पाकिस्तान के लिए काफी महत्व रखता है जिसके तहत पडोसी मुल्क को इस ऐतिहासिक नदी का 80 फीसदी तक पानी मिलता है। साफ है अगर भारत इस समझौते को रद करता है तो पाकिस्तान बूंद बूंद पानी के लिए तरस जाएगा। जिसके उसकी 60 फीसदी से ज्यादा आबादी परोक्ष रूप से प्रभावित होगी।
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इसी कड़ी में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर सिंधु नदी के समझौते को रद करने संबंधी उपायों पर चर्चा की। बैठक में जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल रहे। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने समझौता रद्द करने से होने वाले नफा नुकसानों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया।
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बता दें कि सिंधु नदी समझौता पाकिस्तान के लिए काफी महत्व रखता है जिसके तहत पडोसी मुल्क को इस ऐतिहासिक नदी का 80 फीसदी तक पानी मिलता है। साफ है अगर भारत इस समझौते को रद करता है तो पाकिस्तान बूंद बूंद पानी के लिए तरस जाएगा। जिसके उसकी 60 फीसदी से ज्यादा आबादी परोक्ष रूप से प्रभावित होगी।
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जाने क्या रहे पोल के परिणाम
सिंधु जल समझौता
अमर उजाला ने इसी मुद्दे पर अपने पाठकों से रायशुमारी की। अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठको से पूछा कि, 'क्या भारत को पाकिस्तान के साथ सिंधु समझौता तोड़ देना चाहिए?' इस पोल में 7 हजार से अधिक पाठकों ने हिस्सा लिया। सर्वाधिक पाठकों की यही राय थी कि हां, भारत को पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु समझौता को तोड़ देना चाहिए।
पोल में पाठकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए तीन विकल्प दिए गए थे। पहला-हां, ऐसा होना चाहिए, दूसरा-नहीं, ऐसा नहीं करना चाहिए, तीसरा- भारत को विचार जरूर करना चाहिए। कुल शामिल 7,242 पाठकों में से 6,104 पाठक यानी 84.29 फीसदी ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु समझौते को तोड़ देना चाहिए।
पोल में शामिल 432 पाठक यानी 5.97 फीसदी ने कहा कि नहीं, भारत को पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु समझौते को नहीं तोड़ना चाहिए। वहीं पोल में शामिल 706 यानी 9.75 फीसदी पाठकों ने कहा कि वो इस मामले में कुछ कह नहीं सकते लेकिन इतना निश्चित है कि भारत को इसपर विचार जरुर करना चाहिए।
पोल में पाठकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए तीन विकल्प दिए गए थे। पहला-हां, ऐसा होना चाहिए, दूसरा-नहीं, ऐसा नहीं करना चाहिए, तीसरा- भारत को विचार जरूर करना चाहिए। कुल शामिल 7,242 पाठकों में से 6,104 पाठक यानी 84.29 फीसदी ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु समझौते को तोड़ देना चाहिए।
पोल में शामिल 432 पाठक यानी 5.97 फीसदी ने कहा कि नहीं, भारत को पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु समझौते को नहीं तोड़ना चाहिए। वहीं पोल में शामिल 706 यानी 9.75 फीसदी पाठकों ने कहा कि वो इस मामले में कुछ कह नहीं सकते लेकिन इतना निश्चित है कि भारत को इसपर विचार जरुर करना चाहिए।