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अमर उजाला पोलः इमाम बुखारी की अपील से मुस्लिम वोटर नहीं होते प्रभावित
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 11 Feb 2017 04:39 PM IST
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दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी एक बार फिर अपने राजनीतिक एजेंडे के कारण चर्चाओं में हैं। मौजूदा विधानसभा चुनावों में उन्होंने बसपा को समर्थन देने का ऐलान किया है। बुखारी के इस ऐलान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा के बाजार गरम हो गए।
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कभी समाजवादी पार्टी को समर्थन देने वाले बुखारी अब बसपा को समर्थन दे रहे हैं। बुखारी के बयान के बाद माना जा रहा है कि 2012 में सपा की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला मुस्लिम वोट सपा से कट सकता है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बार-बार अपना एजेंडा बदल रहे बुखारी मुस्लिमों के बीच अपनी प्रतिष्ठा खोते जा रहे हैं।
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बुखारी के इस नए एजेंडे को लेकर अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल सर्वे किया। पोल में सवाल पूछा "क्या इमाम बुखारी की अपील से मुस्लिम वोटर प्रभावित होते हैं?"
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अमर उजाला के इस ऑनलाइन पोल में 9092 पाठकों ने हिस्सा लिया। जिसमें सबसे अधिक 70.42 फीसदी यानी 6403 पाठकों ने माना कि बुखारी के किसी पार्टी को समर्थन देने से या उनके बयानों से मुस्लिम वोट प्रभावित नहीं होता है। वहीं मात्र 26.08 फासदी यानी 2371 पाठकों का मानना है कि बुखारी के बयान से मुस्लिम वोट प्रभावित होता है। 3.5 फीसदी यानी 318 पाठक कुछ कहने की स्थित में नहीं है।