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अमर उजाला पोलः गोरखालैंड राज्य बनने से थम जाएगा हिंसा का दौर
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
Updated Mon, 17 Jul 2017 08:19 PM IST
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पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर जारी आंदोलन थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस आंदोलन की कमान संभालने वाले जीजेएम यानी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष विमल गुरुंग ने बीते दिन आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी।
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गुरुंग ने कहा था कि बीते एक महीने से जारी आंदोलन अब और उग्र होगा। यह गोरखा लोगों की आजादी के लिए निर्णायक लड़ाई होगी। उन्होंने कहा कि वे अपना खून बहाने के लिए तैयार हैं और गोरखालैंड हासिल नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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मामलूम हो कि बीते सप्ताह बड़े पैमाने पर हुई हिंसा और आगजनी के बाद इलाके में सेना तैनात कर दी गई थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर केंद्र ने पर्वतीय क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की चार और कंपनियां भेजी थी। इसी बीच, अलग राज्य की मांग में मोर्चा समर्थकों ने रविवार को सिलीगुड़ी के सालूगड़ा इलाके में नेशनल हाइवे पर वाहनों की आवाजाही ठप कर दी थी। साथ ही सरकार ने बीते 18 जून से ही इलाके में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा रखी है।
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इस पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या अलग गोरखालैंड का निर्माण करने से पश्चिम बंगाल में चल रहा हिंसा का दौर थम जाएगा?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 7,769 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में 49.75 फीसदी यानि 3,865 पाठकों ने माना कि अलग गोरखालैंड का निर्माण करने से पश्चिम बंगाल में चल रहा हिंसा का दौर थम जाएगा। जबकि 42.7 फीसदी यानि 3,317 पाठक उपरोक्त सवाल से सहमत नहीं हुए। वहीं, 7.56 फीसदी यानि 587 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।