फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   amar ujala poll: 85% Readers vote that cow protection acts will prevent cow slaughtering

अमर उजाला पोल: 85.73 फीसदी पाठकों ने माना, कड़े कानूनों से गौहत्या पर लगेगी लगाम

Sat, 01 Apr 2017 06:48 PM IST
amarujala.com - presenred by: रोहित कुमार पोरवाल
amarujala.com - presenred by: रोहित कुमार पोरवाल Updated Sat, 01 Apr 2017 06:48 PM IST
विज्ञापन
 amar ujala poll: 85% Readers vote that cow protection acts will prevent cow slaughtering

गुजरात में गौहत्या की रोकथाम को लेकर पास किए गए नए कानून से ज्यादार पाठकों ने भी सहमति जताई है। पाठकों की राय में गौहत्या पर लगाम लगाने के लिए कड़े कानून बनाने ही होंगे।

विज्ञापन


शनिवार को गुजरात विधानसभा में गौहत्या विधेयक पास हुआ। सूबे में अगर कोई व्यक्ति गौहत्या का दोषी पाया जाता है, तो उसे 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। दोषी पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हालांकि गुजरात में गौहत्या कानून पहले से ही मौजूद था, लेकिन अब उसे और सख्त बनाया गया है। वहीं, यूपी की योगी सरकार भी गायों के संरक्षण के लिए सजग और सक्रिय दिख रही है। इसी को देखते हुए अमर उजाला ने अपने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठकों की राय जाननी चाही। पोल में सवाल किया गया कि क्या ऐसे कड़े कानूनों से गौहत्या पर लगाम लग पाएगी?
विज्ञापन


सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़चढ़कर प्रतिक्रियाएं दीं। सबसे ज्यादा 85.73 फीसदी (11,589) पाठकों ने कहा कि कड़े कानूनों से गौहत्या पर लगाम लगेगी। 11.73 फीसदी (1,585) पाठकों ने कहा कि कड़े कानूनों से इस संबंध में कोई फायदा नहीं होगा। वहीं, 2.54 फीसदी (344) पाठकों ने सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई। पोल में कुल 13,518 पाठकों ने हिस्सा लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed