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अमर उजाला पोल: 85 फीसदी लोगों ने माना कि कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता आपस में बंट गए हैं

Fri, 01 Oct 2021 11:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 01 Oct 2021 11:22 PM IST
सार

पंजाब के सियासी घमासान के बीच किए गए पोल में पाया गया कि 85.63 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिनका मानना है कि पंजाब के हालात को देखते हुए कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता आपस में बंट गए हैं। वहीं, सिर्फ 14.37 फीसदी लोगों को लगता है कि ऐसा नहीं है।

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Amar Ujala Poll 85 percent of the people believed that the veteran leaders of the Congress party are divided
राहुल गांधी, नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पंजाब में मचे घमासान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता आपस में बंट गए हैं? पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद और मनीष तिवारी जैसे कई नेताओं ने पंजाब के घमासान के बाद पार्टी की नीतियों और पूर्णकालिक अध्यक्ष को लेकर सवाल उठाए। अमर उजाला ने भी मामले में लोगों की राय जानने की कोशिश की। इसके किए गए पोल में हमने पाया कि 85.63 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिनका मानना है कि पंजाब के हालात को देखते हुए कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता आपस में बंट गए हैं। वहीं, सिर्फ 14.37 फीसदी लोगों को लगता है कि ऐसा नहीं है।

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बता दें कि पंजाब में कांग्रेस के भीतर मची रार का असर अब पार्टी मुख्यालय में साफ दिखाई देने लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने अपनी ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष पर सवाल उठा दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने चिट्ठी लिखकर कांग्रेस कार्य समिति की बैठक बुलाने की मांग की और मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया आई। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार भी मानते हैं कि कैप्टन पंजाब में पार्टी के बड़े कद के नेता हैं। पंजाब प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी खुल कर नाराजगी जाहिर की।
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इसी तरह से कांग्रेस के भीतर पंजाब की स्थिति को लेकर दो फाड़ की स्थिति है। तमाम राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने पंजाब में बिन बुलाई आफत मोल ले ली है। पंजाब को लेकर पूरी चर्चा में लोग पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के हस्तक्षेप को कांग्रेस के लिए बड़ी सुनामी बता रहे हैं। इस स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा को 24 अकबर रोड के मंच से पार्टी के नेताओं को फोरम पर ही अपनी बात कहने की अपील करनी पड़ी।

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