{"_id":"5baf49d3867a5511437960bf","slug":"amar-ujala-foundation-unique-initiative-one-october-will-orgnasize-donation-camp","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला फाउंडेशन के आह्वान पर पचास से अधिक शहरों में आज लगेगा ‘महादानियों का महामेला’","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अमर उजाला फाउंडेशन के आह्वान पर पचास से अधिक शहरों में आज लगेगा ‘महादानियों का महामेला’
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 29 Sep 2018 03:15 PM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Foundation Blood Donation
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के आह्वान पर देश के पचास से अधिक शहरों में महादानियों का महामेला लगने जा रहा है। मौका होगा, राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस का। हर साल की तरह इस साल भी अमर उजाला फाउंडेशन अपने प्रसार वाले राज्यों में एक अक्टूबर (दिन सोमवार) रक्तदान कैंप लगाने जा रहा है। उत्तर प्रदेश हो, हिमाचल प्रदेश हो, उत्तराखंड हो या फिर हरियाणा या चंडीगढ़ सभी जगह रक्तदानियों में इस रक्तदान कैंप लेकर भारी उत्साह है।
विज्ञापन
इन रक्तदान कैंपों में जो भी रक्त एकत्रित होता है, उसे सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों में दिया जाता है। इन कैंपों में अधिक से अधिक लोग पहुंचे इसकी तैयारी जोर-सोर से की जा रही है। इसमें समाज का हर वर्ग जुड़ता है और अपनी सेवाएं देता है। देश के अलग-अलग प्रांतों में इन कैपों से सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, समाजिक संगठन, और रेडक्रॉस सोसाइटी भी जुड़ रही हैं।
विज्ञापन
रक्तदान सेहत के लिए फायदेमंदः बिंदु
ब्लड बैंक की चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिंदु श्रीवास्तव ने कहा, रक्तदान करना हमेशा फायदेमंद रहता है। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। रक्तदान से खून पतला होता है, जो कि हृदय के लिए अच्छा होता है। एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित रक्तदान करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।
विज्ञापन
रक्तदान करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है। रक्तदान सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है। इसलिए सभी को रक्तदान करना चाहिए।