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Amar Ujala Batras: उम्र को लेकर बदली सोच या बुजुर्ग लग रहे बोझ; कितना बदल रहा आधुनिक समाज, देखें पॉडकास्ट
Sat, 25 Oct 2025 08:14 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 25 Oct 2025 08:14 PM IST
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अमर उजाला बतरस।
- फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा हुई बढ़ती आयु का सामना कर रहे लोगों और परिवार में बदल रही उनकी अहमियत की। दरअसल, भारत में बुजुर्गों को परंपरागत रूप से परिवार की धुरी माना जाता था। घर के निर्णयों में उनकी राय को अहमियत दी जाती थी और सेवा भाव को संस्कारों का हिस्सा समझा जाता था। लेकिन पिछले दो दशकों में तस्वीर बदल रही है। संयुक्त परिवारों के टूटने, शहरीकरण और आर्थिक दबावों के बीच अब बुजुर्गों को घर में बोझ समझने की प्रवृत्ति बढ़ी है। परिणामस्वरूप, संवेदनहीनता, उपेक्षा और घर से दूर रखने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
एंकर नंदिता कुदेशिया ने इस हफ्ते बतरस में इन्हीं चुनौतियों को लेकर जानकारों से बात की और जाना कि आखिर आखिर आधुनिक समाज का आधारभूत ढांचा बुजुर्गों को लेकर किस तरह बदल रहा है। ‘ओल्ड एज होम’ में मां-बाप का रजिस्ट्रेशन किस तरह मॉडर्न सोसाइटी का बढ़ता ट्रेंड बनता जा रहा है? और क्या इसमें गलती बस उम्र की है?
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इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।
नंदिता कुदेशिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन लोगों से चर्चा की, उनमें वृद्धाश्रम की संचालक डॉ. आभा चौधरी, वृद्धाश्रम में रह कर इसके माहौल का अनुभव करने वाली सरोज शर्मा और सुशीला चौहान शामिल रहीं। इन सभी ने कई अहम सवालों के जवाब दिए।
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एंकर नंदिता कुदेशिया ने इस हफ्ते बतरस में इन्हीं चुनौतियों को लेकर जानकारों से बात की और जाना कि आखिर आखिर आधुनिक समाज का आधारभूत ढांचा बुजुर्गों को लेकर किस तरह बदल रहा है। ‘ओल्ड एज होम’ में मां-बाप का रजिस्ट्रेशन किस तरह मॉडर्न सोसाइटी का बढ़ता ट्रेंड बनता जा रहा है? और क्या इसमें गलती बस उम्र की है?
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इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।
नंदिता कुदेशिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन लोगों से चर्चा की, उनमें वृद्धाश्रम की संचालक डॉ. आभा चौधरी, वृद्धाश्रम में रह कर इसके माहौल का अनुभव करने वाली सरोज शर्मा और सुशीला चौहान शामिल रहीं। इन सभी ने कई अहम सवालों के जवाब दिए।