फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Alwar Lynching: Villagers accused police of beating akabar in police custody which led to his death

अलवर हत्याकांड में नया खुलासा: प्रत्यक्षदर्शियों का दावा पुलिस की पिटाई से मरा अकबर

Mon, 23 Jul 2018 08:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Updated Mon, 23 Jul 2018 08:45 AM IST
विज्ञापन
Alwar Lynching: Villagers accused police of beating akabar in police custody which led to his death

अलवर के रामगढ़ में कथित गोतस्करी के आरोप में मारे गए हरियाणा निवासी युवक अकबर के मामले में अब आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय नेता और ग्रामीणों का आरोप है कि अकबर की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। गांव वालों का यह भी कहना है कि उन्हें बेवजह ही बदनाम किया जा रहा है। इसी बीच पुलिस ने अकबर की पिटाई के आरोप में एक और ग्रामीण नरेश को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। आरोपियों को रविवार को अलवर की एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने तीनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

विज्ञापन


एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने पुलिस को अकबर को पीटते हुए देखा है। पुलिस का कहना है कि 28 साल के अकबर की मौत अस्पताल ले जाते समय हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनपर उनके अनुसार हत्या का आरोप है। रविवार को इस मामले को स्थानीय पुलिस से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पास हस्तांतरित कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हेमंत प्रियदर्शिनी ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच करेगी कि पीड़ित को अस्पताल ले जाने में देरी क्यों हुई।
विज्ञापन


रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को घटना के बारे में रात के 12.41 बजे जानकारी मिली थी। वह घटनास्थल पर 1.15 या 1.20 पर पहुंचे। राइट विंग समर्थक नवल किशोर ने पुलिस को घटना को जानकारी दी। किशोर के अनुसार पुलिस ने घायल शख्स पर पहले पानी डाला क्योंकि वह मिट्टी से भरा हुआ था इसके बाद उसे अस्पताल लेकर गए।  सबसे पहले किशोर के घर जाकर गायों को गौशाला पहुंचाने के लिए वाहन का इंतजाम किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


किशोर की रिश्तेदार माया ने बताया कि उसने पुलिस को गाड़ी के अंदर मौजूद शख्स को पीटते और गाली देते हुए देखा था। उन्होंने बताया कि शख्स उस समय जिंदा था। इसके बाद घायल शख्स लगातार दर्द होने की शिकायत कर रहा था लेकिन पुलिसवालों ने पास के स्टॉल से चाय पी। इसके बाद किशोर गायों को गौशाला लेकर गए। लगभग सुबह 4 बजे पुलिस थाने से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित अस्पताल में पीड़ित को लेकर पहुंची। जो तब तक मर चुका था। अस्पताल के रजिस्टर में सुबह 4 बजे की एंट्री इस बात की पुष्टि करती है। वहीं भाजपा विधायक ज्ञानदेव ने आरोप लगाया कि अकबर गोतस्कर था। उसके खिलाफ गोतस्करी के आरोप में 12 दिसंबर 2014 को एक एफआईआर भी दर्ज है। 


समझाने के बाद माना पीड़ित परिवार, शाम को शव दफनाया

भीड़ हिंसा के शिकार हुए अकबर के शव का उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया था। परिवार के लोग शव को हाईवे पर रखकर मुआवजे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। हालांकि समाज के लोगों के समझाने के बाद उन्होंने रविवार शाम को शव दफन किया। पीड़ित परिवार को हरियाणा और राजस्थान सरकारों ने मुआवजा देने की घोषणा की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed