{"_id":"5d32ad228ebc3e6cbe42a0d6","slug":"allegations-of-hindi-imposition-is-definitely-not-correct-said-finance-minister-nirmala-sitharaman","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमिलनाडु में बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण, हिंदी भाषा थोपने का आरोप पूरी तरह गलत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तमिलनाडु में बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण, हिंदी भाषा थोपने का आरोप पूरी तरह गलत
Sat, 20 Jul 2019 11:26 AM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Sat, 20 Jul 2019 11:26 AM IST
विज्ञापन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : ANI
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में कहा कि हिंदी थोपने के आरोप सरासर गलत हैं। केंद्र सरकार किसी को भी हिंदी भाषा के लिए मजबूर नहीं कर रही है। उन्होंने आगे कहा, इसके विपरीत, श्रेष्ण भारत योजना के तहत सरकार केवल तमिल भाषा का प्रचार कर रही है। हाल ही में जो कुछ भी हुआ, वो प्रशासनिक स्तर पर हुआ। इसे थोपना नहीं जा सकता है।
विज्ञापन
Union Finance Minister Nirmala Sitharaman in Chennai: The allegations of Hindi imposition is definitely not correct. The central government is not forcing Hindi language on anybody. pic.twitter.com/LwcbyeOWVs
— ANI (@ANI) July 20, 2019विज्ञापन
बता दें तमिलनाडु में हमेश से ही हिंदी भाषा को विरोध में आवाज उठती रही है। इससे पहले सोमवार को राज्य की विधानसभा में डाक परिक्षाएं हिंदी और अंग्रेजी में कराए जाने को लेकर काफी विवाद हो गया। रविवार को केवल दो ही भाषाओं में आयोजित इस परिक्षा का विरोध करते हुए मुख्य विपक्षी दल द्रमुक के विधायकों ने सदन से वाकआउट किया।
विज्ञापन
विपक्षी दलों कांग्रेस तथा यूनियन मुस्लिम लीग ने भी केवल दो भाषाओं में ही परीक्षा कराए जाने का विरोध किया। द्रमुक विधायक टी थेन्नारासुन ने प्रश्नकाल खत्म होते ही इस मुद्दे को उठाया और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिये विशेष चर्चा की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इसका मकसद दक्षिणी राज्यों के लोगों को केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल होने से रोकना है।