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तन्वी पासपोर्ट विवाद: विदेश मंत्रालय ने पुलिस पर उठाए सवाल कहा- नियमों के तहत जारी किया पासपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:40 AM IST
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तन्वी सेठ पासपोर्ट मामले में उपजे विवाद पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उन्हें पासपोर्ट जारी करने में मौजूदा नियमों का पालन किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि दिसंबर 2017 में सरलीकृत नियमों के तहत ही उन्हें पासपोर्ट किया गया। विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि उनके इस स्पष्टीकरण के बाद इस मामले में दुष्प्रचार और धारणाएं खत्म हो जाएंगी।
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गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि पिछले कुछ समय से तन्वी सेठ पासपोर्ट मामले में तमाम दुष्प्रचार और बातें सामने आ रही हैं। इस बारे में मौजूद तथ्य उन धारणाओं से बिल्कुल अलग हैं।
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मंत्रालय के मुताबिक पासपोर्ट के नियमों को दिसंबर 2017 में सरलीकृत किया गया था, जिसके आधार पर तन्वी सेठ ने अपने नाम और पते के लिए आधार कार्ड और ज्वाइंट बैंक अकाउंट के डॉक्यूमेंट्स पेश किए। इसमें उनका नाम और पता वही था जो पासपोर्ट सत्यापन फार्म में दर्ज था। तन्वी सेठ ने 20 जून 2018 को पासपोर्ट के लिये आवेदन किया और उसे लखनऊ स्थित पासपोर्ट कार्यालय में जमा किया। मंत्रालय के मुताबिक उन्होंने हमें जो डॉक्यूमेंट्स पेश किए उनकी सावधानी से जांच की गई।
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मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट अधिनियम के तहत उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही तन्वी सेठ को ‘पूर्व पुलिस वैरिफिकेशन’ प्रक्रिया के आधार पर ही पासपोर्ट जारी किया गया। प्रक्रिया के तहत पुलिस वैरिफिकेशन बाद में किया गया। अपने बयान में मंत्रालय ने बताया कि रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को भेजी जाने वाली पुलिस रिपोर्ट दिसंबर 2017 में लिए गए फैसले के आधार पर ली गई, जिसमें पुलिस वैरिफिकेशन के दो आधार थे। पहला यह है कि क्या आवेदक भारतीय नागरिक है? और दूसरा यह कि क्या आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला है?
मंत्रालय के मुताबिक इन दोनों आधारों को को छह बिन्दुओं में बदला गया। इन फैसले के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अवगत कराया गया कि एक जून से इसे लागू किया जाए। विदेश मंत्रालय के मुताबिक तन्वी सेठ के मामले में इन छह बिन्दुओं पर कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं आई।
मंत्रालय ने कहा कि वैरिफिकेशन करने वाले पुलिस अधिकारी ने अपनी तरफ से दो टिप्पणियां जोड़ दी थीं, जिसके आधार पर पुलिस वैरिफिकेशन रिपोर्ट को प्रतिकूल श्रेणी में रखा गया। पुलिस अधिकारी ने अपने पहली टिप्पणी में कहा कि पासपोर्ट फार्म में नाम तन्वी सेठ दिया गया है, जबकि मैरिज सर्टिफिकेट में नाम सदिया अनस है, साथ ही दूसरी टिप्पणी में कहा कि पते गलत है और वह नोएडा में जिस पते पर रहती थीं, उसका जिक्र नहीं किया गया है।
मंत्रालय ने इन दो टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि पासपोर्ट के संदर्भ में संशोधित प्रक्रिया में जब आप पासपोर्ट के लिये आवेदन करते हैं, तब उसमें मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी नहीं है। सर्टिफिकेट में लिखे नाम से पासपोर्ट जारी करने का कोई संबंध नहीं है। वहीं पते के लिए आधार कार्ड और ज्वाइंट बैंक अकाउंट के डॉक्यूमेंट्स पेश किए गए उसमें वहीं नाम था, जो आवेदन पत्र में दिया गया था, जो नियमों के मुताबिक है।