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NMC: सभी डॉक्टर्स के पास होगी विशिष्ट पहचान, देश में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए होगी जरूरी, शुरू हुआ पंजीकरण
Sun, 15 Sep 2024 03:33 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 15 Sep 2024 03:33 PM IST
सार
एनएमसी ने हाल ही में एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि 'भारतीय चिकित्सा रजिस्टर (आईएमआर) पर पंजीकृत सभी एमबीबीएस डॉक्टर्स को एनएमआर पर फिर से पंजीकरण करना होगा। सभी मेडिकल कॉलेज/संस्थान, राज्य चिकित्सा परिषद (एसएमसी) पोर्टल पर आपस में जुड़े हुए हैं।'
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Medical, Doctor
- फोटो : istock
विस्तार
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने देश में सभी एमबीबीएस डॉक्टर्स को विशिष्ट पहचान देने का फैसला किया है। इसके लिए एनएमसी ने पोर्टल भी लॉन्च कर दिया है, जिस पर सभी पात्र एमबीबीएस डॉक्टर्स के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर (एनएमआर) एक डेटाबेस है, जहां सभी पंजीकृत डॉक्टर्स का रजिस्ट्रेशन होगा। आधार आईडी से डॉक्टर्स की प्रमाणिकता , जिसमें उनकी प्रामाणिकता आधार आईडी द्वारा सत्यापित की जाएगी।
सभी एमबीबीएस डॉक्टर्स को करना होगा पंजीकरण
एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने हाल ही में एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि 'भारतीय चिकित्सा रजिस्टर (आईएमआर) पर पंजीकृत सभी एमबीबीएस डॉक्टर्स को एनएमआर पर फिर से पंजीकरण करना होगा। सभी मेडिकल कॉलेज/संस्थान, राज्य चिकित्सा परिषद (एसएमसी) पोर्टल पर आपस में जुड़े हुए हैं।' नोटिस में कहा गया है कि कुछ डेटा आम लोगों को दिखाई देंगे और अन्य केवल एनएमसी, एसएमसी, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) और चिकित्सा संस्थानों और एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (ईएमआरबी) को ही दिखाई देंगे।
ऐसे होगी पंजीकरण प्रक्रिया
पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के लिए, डॉक्टर्स को अपने आधार आईडी, अपने एमबीबीएस डिग्री प्रमाण पत्र की एक डिजिटल कॉपी और राज्य चिकित्सा परिषद/भारतीय चिकित्सा परिषद के पंजीकरण प्रमाण पत्र की जरूरत होगी। पंजीकरण और योग्यता जैसे अतिरिक्त विवरण मैन्युअल रूप से दर्ज किए जा सकते हैं। इसके बाद, आवेदन स्वचालित रूप से सत्यापन के लिए संबंधित एसएमसी (स्टेट मेडिकल कमीशन) को भेज दिया जाता है। एसएमसी फिर आवेदन को आगे की समीक्षा के लिए संबंधित कॉलेज या संस्थान को भेज देगा। सफल सत्यापन के बाद, आवेदन एनएमसी को भेज दिया जाता है। एनएमसी द्वारा सत्यापन के बाद, एक एनएमआर आईडी जारी की जाएगी। नोटिस में कहा गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर हेल्थकेयर प्रदाता रजिस्ट्री में शामिल होने का विकल्प चुन सकते हैं, जो उन्हें डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम से जोड़ेगा। इस पोर्टल के माध्यम से, एसएमसी और शैक्षणिक संस्थानों सहित सभी हितधारक एक ही मंच से लॉग इन और आवेदनों को सत्यापित कर सकते हैं।
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देश के डॉक्टर्स का व्यापक डेटा होगा तैयार
एक अधिकारी ने बताया कि 'देश में व्यापक डेटा की कमी थी जो देश में कुल डॉक्टरों की संख्या, देश छोड़ने वाले डॉक्टर्स, प्रैक्टिस करने के लिए अपना लाइसेंस खोने वाले डॉक्टर्स या अपनी जान गंवाने वाले डॉक्टरों की संख्या और विवरण जैसे पहलुओं की विस्तृत और समग्र तस्वीर प्रदान कर सके। एनएमआर के लॉन्च से इसके 13 लाख से अधिक डॉक्टरों का डेटा सुनिश्चित होगा।' राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर (एनएमआर) पोर्टल का उद्घाटन 23 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने किया था। नड्डा ने कहा था, 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य रजिस्टर एक बहुप्रतीक्षित कदम है जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा और भारत के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेगा।'
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सभी एमबीबीएस डॉक्टर्स को करना होगा पंजीकरण
एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने हाल ही में एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि 'भारतीय चिकित्सा रजिस्टर (आईएमआर) पर पंजीकृत सभी एमबीबीएस डॉक्टर्स को एनएमआर पर फिर से पंजीकरण करना होगा। सभी मेडिकल कॉलेज/संस्थान, राज्य चिकित्सा परिषद (एसएमसी) पोर्टल पर आपस में जुड़े हुए हैं।' नोटिस में कहा गया है कि कुछ डेटा आम लोगों को दिखाई देंगे और अन्य केवल एनएमसी, एसएमसी, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) और चिकित्सा संस्थानों और एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (ईएमआरबी) को ही दिखाई देंगे।
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ऐसे होगी पंजीकरण प्रक्रिया
पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के लिए, डॉक्टर्स को अपने आधार आईडी, अपने एमबीबीएस डिग्री प्रमाण पत्र की एक डिजिटल कॉपी और राज्य चिकित्सा परिषद/भारतीय चिकित्सा परिषद के पंजीकरण प्रमाण पत्र की जरूरत होगी। पंजीकरण और योग्यता जैसे अतिरिक्त विवरण मैन्युअल रूप से दर्ज किए जा सकते हैं। इसके बाद, आवेदन स्वचालित रूप से सत्यापन के लिए संबंधित एसएमसी (स्टेट मेडिकल कमीशन) को भेज दिया जाता है। एसएमसी फिर आवेदन को आगे की समीक्षा के लिए संबंधित कॉलेज या संस्थान को भेज देगा। सफल सत्यापन के बाद, आवेदन एनएमसी को भेज दिया जाता है। एनएमसी द्वारा सत्यापन के बाद, एक एनएमआर आईडी जारी की जाएगी। नोटिस में कहा गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर हेल्थकेयर प्रदाता रजिस्ट्री में शामिल होने का विकल्प चुन सकते हैं, जो उन्हें डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम से जोड़ेगा। इस पोर्टल के माध्यम से, एसएमसी और शैक्षणिक संस्थानों सहित सभी हितधारक एक ही मंच से लॉग इन और आवेदनों को सत्यापित कर सकते हैं।
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देश के डॉक्टर्स का व्यापक डेटा होगा तैयार
एक अधिकारी ने बताया कि 'देश में व्यापक डेटा की कमी थी जो देश में कुल डॉक्टरों की संख्या, देश छोड़ने वाले डॉक्टर्स, प्रैक्टिस करने के लिए अपना लाइसेंस खोने वाले डॉक्टर्स या अपनी जान गंवाने वाले डॉक्टरों की संख्या और विवरण जैसे पहलुओं की विस्तृत और समग्र तस्वीर प्रदान कर सके। एनएमआर के लॉन्च से इसके 13 लाख से अधिक डॉक्टरों का डेटा सुनिश्चित होगा।' राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर (एनएमआर) पोर्टल का उद्घाटन 23 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने किया था। नड्डा ने कहा था, 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य रजिस्टर एक बहुप्रतीक्षित कदम है जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा और भारत के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेगा।'
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