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मोदी की सुरक्षा में चूक: पंजाब में 15 आतंकी संगठनों समेत ये 24 'वजह' बनीं पीएम के लिए खतरा!

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 10 Jan 2022 06:43 PM IST
सार

पीएम मोदी के दौरे से पहले खुफिया एजेंसी ने एक विस्तृत नोट पंजाब पुलिस के पास भेजा था। इसमें वह सब बातें लिखी थीं, जिससे प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। पंजाब में कौन से आतंकी संगठन सक्रिय हैं। रिपोर्ट में दूसरे राज्यों में सक्रिय, माओवादी व एलटीटीई जैसे समूहों का भी जिक्र किया गया है...

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alerts shared by spg to punjab police that 15 terrorist organizations of Punjab and 24 reasons could become a threat to the Prime Minister security
पीएम मोदी की सुरक्षा में भारी चूक - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पंजाब के फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'सुरक्षा चूक' मामले की जांच अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। इस कमेटी में डीजीपी चंडीगढ़, एनआईए के आईजी, पंजाब पुलिस के एडीशनल डीजी और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल शामिल होंगे। प्रधानमंत्री की पंजाब यात्रा से पहले स्थानीय पुलिस को कई तरह के खुफिया अलर्ट भेजे गए थे। पीएम की सुरक्षा को लेकर कहा गया कि पंजाब में 15 आतंकी संगठन और जल व थल में 24 'वजह' ऐसी हैं, जो प्रधानमंत्री के लिए खतरा बन सकती हैं। आतंकी संगठनों में पाकिस्तान के कई समूहों के अलावा एलटीटीई/माओवादी कैडर को भी शामिल किया गया है। इन सबके बावजूद प्रधानमंत्री के लिए सड़क मार्ग को उपयुक्त बता दिया गया। पंजाब पुलिस की ओर से एसपीजी को रूट क्लियरेंस मिल गया। केंद्र सरकार द्वारा इस केस की जांच के लिए गठित कमेटी ने उक्त तथ्यों को गंभीरता से लिया है। इस पर एक विस्तृत नोट भी तैयार हुआ है। सूत्रों का कहना है कि वह नोट अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी को सौंपा जाएगा। इस केस से जुड़े पंजाब पुलिस के शीर्ष अफसरों के लिए वह 'नोट' बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है।

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पंजाब में इतने आतंकी संगठनों से था पीएम को खतरा

सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी के दौरे से पहले खुफिया एजेंसी ने एक विस्तृत नोट पंजाब पुलिस के पास भेजा था। इसमें वह सब बातें लिखी थीं, जिससे प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। पंजाब में कौन से आतंकी संगठन सक्रिय हैं। रिपोर्ट में दूसरे राज्यों में सक्रिय, माओवादी व एलटीटीई जैसे समूहों का भी जिक्र किया गया है। आतंकवादी संगठनों की इस सूची में पाकिस्तान के कई समूहों का नाम है। इस सूची में इंडियन मुजाहिदीन, एक्स 'स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया' (सिमी), हरकत-उल-मुजाहिदीन, हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हिजबुल मुजाहिदीन, पाकिस्तान आधारित सिख तत्व (आतंकी एवं मददगार), भारत के माओवादी संगठन (एलडब्ल्यूई), एलटीटीई कैडर एवं उससे जुड़े अन्य संगठन, पाकिस्तान आधारित मिलिटेंट लीडर वधावा सिंह बब्बर (बीकेआई), परमजीत सिंह पंजावर (केसीएफ/पी), रणजीत सिंह नीता (केजेडएफ), लखबीर सिंह रोधे (आईएसवाईएफ/आर), लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन शामिल हैं।

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ये 'वजह' भी पीएम के लिए जोखिम भरी थी

खुफिया एजेंसी ने कई दूसरी वजह भी पीएम की सुरक्षा के लिए जोखिम भरी बताई थी। इनमें कहा गया कि चुनाव के दौरान पीएम को आतंकी संगठनों के हमलों का ज्यादा खतरा है। पंजाब में आरडीएक्स आता रहा है। कुछ आतंकी संगठनों के पास यह विस्फोटक पदार्थ होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। मिलिटेंट हार्डवेयर, यह शब्द इंटेलिजेंस रिपोर्ट में लिखा गया है। पंजाब में आतंकियों की ओर से सबसे अधिक खतरा वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर था। खासतौर पर सड़क मार्ग से जाने वाले वीवीआईपी को निशाने पर लेने का हाई डिग्री खतरा बताया गया है। ऑपरेटिंग/पॉजिशनल खतरे की आशंका जाहिर की गई थी। पीएम की गाड़ी जहां पर फंसी थी, वहां से 14-15 किलोमीटर दूर भारत-पाक की अंतरराष्ट्रीय सीमा है। वहां से नारकोटिक्स, हथियार, गोला बारुद की तस्करी होती रहती है। थल और जल यानी नदी के रास्ते प्रतिबंधित सामग्री जैसे ड्रग, हथियार, नकली करेंसी और बारूद, पंजाब में पहुंचाया जाता रहा है। यह वजह भी पीएम जैसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा में सेंध लगाती है।   

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ड्रोन पर नजर रखने के लिए दी गई खास हिदायत

केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में ड्रोन पर नजर रखने के लिए खास हिदायत जारी की थी। पीएम की पंजाब यात्रा से चार दिन पहले पुलिस को जो तीन अलर्ट भेजे गए थे, उनमें ड्रोन हमलों का जिक्र था। पंजाब के बॉर्डर एरिया में पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए आई प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद होती रही हैं। ड्रोन की बड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सीमा पार से आए ड्रोन के जरिए पंजाब में घातक हथियार और नशीले पदार्थ गिराए जा रहे हैं। 17 दिसंबर 2021 को फिरोजपुर से लगते तरनतारन जिले में ड्रोन से हथियार गिराए गए थे। उसके जरिए किसी भी वीआईपी को निशाना बनाया जा सकता है। केंद्रीय एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को यह अलर्ट भेजा था कि ड्रोन को मार गिराने के लिए सिस्टम तैयार रखें। इसमें कोई भी ढिलाई न बरती जाए।

एडीजीपी ने ड्रोन के लिए सिस्टम तैयार करने की बात कही थी

एडीजीपी जी. नागेश्वर राव ने पीएम के दौरे से पहले ड्रोन खतरे से निपटने की बात खुद स्वीकार की थी। उन्होंने कहा था, इसके लिए सिस्टम तैयार कर लिया गया है। पीएम की यात्रा के दौरान हर जगह ड्रोन पर नजर रखी जाएगी। अगर कहीं भी ड्रोन दिखा तो उसे चंद सेकंड में गिरा दिया जाएगा। 2021 में भारत पाकिस्तान सीमा के आसपास ड्रोन की 59 गतिविधियां दर्ज की गई थीं। पांच सितंबर को नमक मंडी फिरोजपुर में आईईडी ब्लास्ट हुआ था। 19 सितंबर को फिरोजपुर के नजदीक, जलालाबाद में भी ऐसा ही हुआ। तीन नवंबर को फिरोजपुर के गांव में टिफिन बम मिला था। दिसंबर में ही पंजाब के दीनानगर से एक किलो आरडीएक्स बरामद हुआ था। उसके बाद गुरदासपुर में एक टिफिन बम एवं चार हथगोले बरामद किए गए। 23 दिसंबर को लुधियाना कोर्ट परिसर में ब्लास्ट हो गया। आईबी ने अपने नोट में उन इनपुट का हवाला दिया था कि पंजाब तक बारूद पहुंचाने में पाकिस्तान के आतंकी संगठन, आईएसआई एवं सीमा पार के तस्कर सक्रिय हैं।

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