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अजित पवार विमान हादसा: वीएसआर के मालिक को वीआईपी ट्रीटमेंट? रोहित पवार ने सीआईडी पर उठाए गंभीर सवाल
Fri, 06 Mar 2026 12:31 PM IST
नवीन पारमुवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Fri, 06 Mar 2026 12:31 PM IST
सार
अजित पवार विमान हादसे की जांच पर उनके भतीजे रोहित पवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी ने विमान कंपनी के मालिक से पूछताछ के बजाय उनकी शाही मेहमाननवाजी की।
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रोहित पवार ने सीआईडी पर उठाए गंभीर सवाल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Ajit Pawar plane crash: अजित पवार के विमान हादसे की जांच कर रही सीआईडी पर गंभीर सवाल उठे हैं। अजित पवार के भतीजे और एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि जांच एजेंसी हादसे के लिए जिम्मेदार कंपनी के मालिक से पूछताछ नहीं कर रही, बल्कि उनकी मेहमाननवाजी कर रही है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह जताया है।
सीआईडी पर 'शाही मेहमाननवाजी' का आरोप
रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने वीएसआर वेंचर्स के मालिक वीके सिंह से सच में पूछताछ की या उन्हें 'शाही मेहमाननवाजी' दी। उन्होंने लिखा, "अब शक पैदा हो गया है कि अजित दादा की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले वीएसआर कंपनी के मालिक वीके सिंह को सीआईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था या शाही मेहमाननवाजी के लिए।"
मेहमान की तरह ले जाने का आरोप
एनसीपी (एसपी) नेता ने कहा कि वीके सिंह सुबह 11 बजे सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे और दावा किया गया कि उनसे आठ घंटे तक पूछताछ हुई। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि असल में ज्यादातर समय उनकी देखभाल और मेहमाननवाजी में बिताया गया। उन्होंने आगे कहा, "रात में उन्हें काले शीशे वाली पुलिस की गाड़ी में एक मेहमान की तरह बैठाकर ले जाया गया।" पवार ने कहा कि सच को छिपाने के लिए कितने भी काले पर्दे डाले जाएं, एक दिन सच का सूरज जरूर उगेगा।
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एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हो रही?
रोहित पवार ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ हमारी जायज मांग के बावजूद इस हादसे की एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, वीके सिंह, जिनके विमान ने अजित दादा को हमसे छीन लिया, उन्हें किसके आशीर्वाद से वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है? उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले को कवर करने के लिए सीआईडी कार्यालय गए मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस ने बुरा बर्ताव किया।
जांच की मौजूदा स्थिति क्या?
विमान हादसे के बाद बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाद में यह मामला पुणे सीआईडी को सौंप दिया गया। जांच एजेंसी ने पहले कहा था कि उसका ध्यान यह पता लगाने पर है कि बारामती त्रासदी के पीछे कोई साजिश या आपराधिक लापरवाही तो नहीं थी। इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की रिपोर्ट में दुर्घटना के समय दृश्यता कम होने और रनवे पर बजरी होने जैसी बातें सामने आई थीं।
यह भी पढ़ें: अजित पवार विमान हादसा: सीआईडी ने तेज की मामले की जांच, वीएसआर कंपनी के अधिकारियों से की पूछताछ; जानें अपडेट
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सीआईडी पर 'शाही मेहमाननवाजी' का आरोप
रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने वीएसआर वेंचर्स के मालिक वीके सिंह से सच में पूछताछ की या उन्हें 'शाही मेहमाननवाजी' दी। उन्होंने लिखा, "अब शक पैदा हो गया है कि अजित दादा की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले वीएसआर कंपनी के मालिक वीके सिंह को सीआईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था या शाही मेहमाननवाजी के लिए।"
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मेहमान की तरह ले जाने का आरोप
एनसीपी (एसपी) नेता ने कहा कि वीके सिंह सुबह 11 बजे सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे और दावा किया गया कि उनसे आठ घंटे तक पूछताछ हुई। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि असल में ज्यादातर समय उनकी देखभाल और मेहमाननवाजी में बिताया गया। उन्होंने आगे कहा, "रात में उन्हें काले शीशे वाली पुलिस की गाड़ी में एक मेहमान की तरह बैठाकर ले जाया गया।" पवार ने कहा कि सच को छिपाने के लिए कितने भी काले पर्दे डाले जाएं, एक दिन सच का सूरज जरूर उगेगा।
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एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हो रही?
रोहित पवार ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ हमारी जायज मांग के बावजूद इस हादसे की एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, वीके सिंह, जिनके विमान ने अजित दादा को हमसे छीन लिया, उन्हें किसके आशीर्वाद से वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है? उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले को कवर करने के लिए सीआईडी कार्यालय गए मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस ने बुरा बर्ताव किया।
जांच की मौजूदा स्थिति क्या?
विमान हादसे के बाद बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाद में यह मामला पुणे सीआईडी को सौंप दिया गया। जांच एजेंसी ने पहले कहा था कि उसका ध्यान यह पता लगाने पर है कि बारामती त्रासदी के पीछे कोई साजिश या आपराधिक लापरवाही तो नहीं थी। इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की रिपोर्ट में दुर्घटना के समय दृश्यता कम होने और रनवे पर बजरी होने जैसी बातें सामने आई थीं।
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