अजित डोभाल के बेटे ने जयराम रमेश और कारवां पत्रिका पर किया मानहानि का केस
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कांग्रेस नेता जयराम रमेश और और कारवां पत्रिका के मुख्य संपादक, रिपोर्टर कौशल श्रॉफ के खिलाफ मानहानिकारक लेख प्रकाशित करने के लिए आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। पटियाला हाउस कोर्ट इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई करेगा।
विवेक डोभाल ने कहा, हां आज मैं जयराम रमेश के खिलाफ मानहानि दावे की शिकायत के लिए अदालत गया था। मेरे, मेरे पिता और मेरे परिवार के खिलाफ उनके हमले से मुझे बेहद दुख पहुंचा है।National Security Advisor (NSA) Ajit Doval' son, Vivek Doval moves Delhi's Patiala House Court in a criminal defamation complaint against Congress leader Jairam Ramesh, Editor-in-Chief of Caravan Magazine and Kaushal Sharoff (reporter). Court to hear the matter tomorrow.
— ANI (@ANI) January 21, 2019विज्ञापन
NSA Ajit Doval's son Vivek Doval: Yes I went to the court today to file a criminal defamation complaint against Mr Jairam Ramesh. His motivated and vindictive attacks against myself, my father, my family have deeply offended and hurt me. pic.twitter.com/GGpGWs5Xz8
— ANI (@ANI) January 21, 2019
यह है पूरा मामला
जयराम ने लेख में आरोप लगाया था कि एनएसए के बेटे विवेक डोभाल ने केमन आइसलैंड टेक्स हेवन कंट्री (कर मुक्त प्रदेश) में जो फंड लिया है, उसमें बड़ा घालमेल नजर आ रहा है। आठ नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी होती है और उसके 13 दिन बाद विवेक डोभाल केमन आइसलैंड में जीएनवाई एशिया नाम से एक फंड लेते हैं।
साल 2000 से लेकर 2017 तक केमन आइसलैंड से देश में आठ हजार तीन सौ करोड़ रुपये की एफडीआई आई है, जबकि अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक आठ हजार तीन सौ करोड़ रुपया आ जाता है। जयराम रमेश ने आरबीआई से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। जयराम ने कहा था, जीएनवाई एशिया की इस एफडीआई में डोभाल की क्या भूमिका रही है, वे बताएं। यह मामला सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से जुड़ा है।
कांग्रेस का कहना था कि खुद अजीत डोभाल ने 2011 में यह मांग की थी कि टेक्स हेवन देशों में जमा राशि की मॉनीटरिंग होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए फाइनेंशियल इंटेलीजेंस एजेंसी की मदद लेने की भी बात कही थी। आज वे सत्ता में हैं, लेकिन अपनी इस मांग को पूरा नहीं कर रहे हैं। डोभाल को यह बताना होगा कि 12 माह में इतनी ज्यादा एफडीआई कैसे आ गई, जो 17 साल में कभी नहीं आ सकी। ये सब बातें आरबीआई की रिपोर्ट में दर्ज हैं।
रमेश ने कहा था कि जीएनवाई एशिया के दो निदेशक हैं। एक विवेक डोभाल और दूसरे डॉन डब्लू ई-बैंकस। ये नाम पनामा पेपर और पैराडाइज में भी देखे गए हैं। डोभाल के दोनों बेटों विवेक और शौर्य डोभाल के पास ही ज्यूस स्ट्रेटजिक मेनेजमेंट एडवाइजर का फंड भी है। डोभाल बताएं कि जीएनवाई और ज्सूस का क्या रिश्ता है।