वेस्ट यूपी में सम्मेलन कर पार्टी की नीति समझाने की कोशिश करेंगे छोटे चौधरी
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मुजफ्फरनगर दंगे के बाद कमजोर आंके जा रहे राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का जनाधार बढ़ाने के लिए पार्टी मुखिया अजित सिंह अति पिछड़ों को जोड़ने उत्तर प्रदेश में निकलेंगे। इसके लिए वेस्ट यूपी में मंडल स्तर पर सम्मेलन करेंगे। कई सम्मेलनों का स्थान तय कर दिया गया है।
रालोद की जनाधार बढ़ाओ मुहिम में पार्टी के युवा चेहरा जयंत चौधरी जुटे हैं। वह छोटे छोटे दलों और अन्य राजनीतिक पार्टियों के मजबूत लोगों को पार्टी में शामिल करने का काम कर रह रहे हैं। इसी क्रम में पुत्र जयंत के साथ पिता अजित सिंह भी अति पिछड़ों को जोडने अब निकलेंगे। इसके लिए उन्होंने अपनी पार्टी के अति पिछड़े चेहरे राष्ट्रीय महासचिव ताराचंद शास्त्री और पशिचम यूपी के पार्टी अध्यक्ष मुंशीराम पाल को चुना है।
वेस्ट यूपी में पहले चरण में मेरठ, सहारनपुर, आगरा और मुरादाबाद मंडल में अति पिछड़ा सम्मेलन करना पार्टी ने तय किया है। जून में होने वाले इन सम्मेलनों के लिए मेरठ मंडल का मेरठ, सहारनपुर का मुजफ्फरनगर, आगरा का हाथरस और मुरादाबाद का अमरोहा को लगभग तय कर लिया किया है। इन सब सम्मेलनों में खुद रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह शिरकत करेंगे।
राजनीतिक तस्वीर जरूर बदलेगी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक छोटे चौधरी का मकसद यूपी चुनाव से पहले हर हाल में अपनी ताकत का अहसास संभावित दोस्तों यानि गठबंधन के लिए बात करने वाले दलों को कराना है।अति पिछड़ों को जोडने के लिए अजित सिंह की टीम ने पूरा रोडमैप तैयार कर जिलाध्यक्षों को भेज दिया है।
इसी क्रम में जयंत चौधरी किसानों को साथ जोड़ने के लिए किसान रैली करने की तैयारी कर रहे है। जून में ही बड़ी रैली वेस्ट यूपी के बुलंदशहर में करने का पार्टी का कार्यक्रम तय किया है। मई के अंत तक इन सभी कार्यक्रमों की तिथि घोषित होने की उम्मीद है। पार्टी का मानना है कि हाल में हुए चार राज्यों के चुनाव के परिणाम आने के बाद सूबे में राजनीतिक तस्वीर जरूर बदलेगी।
गठबंधन पर भी नए सिरे से अन्य सियासी दोस्तों से मंथन होगा। इसके लिए रालोद को मजबूती से बात करनी होगी। उसकी खातिर अपने पास दिखाने के लिए बड़ा जनाधार लाजमी है, ताकि सीटों के बंटवारे के लिए दबाव बनाना आसान हो सके।