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Ajay Rai: यूपी कांग्रेस की भूमिहार ब्राह्मण के हाथ कमान, ऊंची जातियों को संभालने की रणनीति
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अजय राय को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त करने का पत्र।
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अजय राय को अपना अध्यक्ष नियुक्त किया है। पूर्व विधायक और मंत्री रहे अजय राय भूमिहार ब्राह्मण हैं और बहुत संघर्षशील नेताओं में गिने जाते हैं। पूर्वांचल के वाराणसी से होने के कारण वे इस इलाके में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के साथ-साथ अन्य उच्च जातियों को अपने साथ जोड़ने का संकेत दिया है।
दरअसल, अजय राय पूर्वांचल के इलाके में जाने-पहचाने नेता के रूप में देखे जाते हैं। इस इलाके में भूमिहार ब्राह्मणों की बड़ी संख्या है। अजय राय के कारण यह बड़ी आबादी कांग्रेस के साथ जुड़ सकती है। इसके साथ ही अन्य ब्राह्मण वर्ग भी कांग्रेस के साथ जुड़ सकता है, क्योंकि प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय इस समय स्वयं को नेता विहीन मानता है। कहा जाता है कि प्रदेश में कोई राजनीतिक दल ब्राह्मणों को उचित मान-सम्मान नहीं दे रहा है जिससे ब्राह्मण समुदाय क्षुब्ध है और किसी विकल्प की तलाश कर रहा है।
वर्तमान सरकार पर भी आरोप है कि वह ब्राह्मणों की उपेक्षा कर रही है। भाजपा संगठन से लेकर सरकार तक में ब्राह्मणों की सुनवाई नहीं हो रही है। इन्हीं वजहों से माना जा रहा है कि कांग्रेस ने बहुत सोच-समझकर अजय राय को अपना अध्यक्ष बनाया है।
उत्तर प्रदेश में मुसलमान इस समय पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में मुड़ते हुए बताए जाते हैं। ऐसे में यदि अजय राय ब्राह्मणों का एक बड़ा वोट बैंक कांग्रेस के साथ लाने में सफल रहते हैं तो इससे देश के इस सबसे बड़े सूबे में समीकरण बदल जाएंगे। इससे भाजपा की चुनौती भी बढ़ सकती है जो विभिन्न वर्गों के वोटों के सहारे यूपी की सभी 80 सीटों को जीतने का सपना देख रही है।
प्रियंका के करीबी
प्रियंका गांधी इस समय उत्तर प्रदेश की महासचिव हैं और यूपी की सियासत तय करने में कांग्रेस में उनकी राय सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। माना जा रहा है कि अजय राय को इस महत्त्वपूर्ण भूमिका में लाने के लिए सबसे ज्यादा प्रियंका गांधी ने ही जोर लगाया था।
'कांग्रेस मजबूत होगी'
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि अजय राय एक संघर्षशील नेता हैं और उनके आने से कांग्रेस न केवल पूर्वांचल में, बल्कि पूरे प्रदेश में मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हर परंपरागत वोटर अब उसकी ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है और अब पार्टी अपनी जिम्मेदारी निभाने और जनता को एक विकल्प देने के लिए तैयार है।