{"_id":"5b0e31784f1c1b8a6e8b5527","slug":"aircel-maxis-case-p-chidambaram-has-moved-an-anticipatory-bail-plea-in-delhi-s-patiala-house-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"एयरसेल-मेक्सिस केस: 5 जून तक चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक, सिब्बल करेंगे बहस","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
एयरसेल-मेक्सिस केस: 5 जून तक चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक, सिब्बल करेंगे बहस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 30 May 2018 11:09 AM IST
विज्ञापन
चिदंबरम
- फोटो : ani
एयरसेल-मेक्सिस मामले में अब कार्ति के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम पर कस रहा है। हालांकि, चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इस मामले में कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय से पांच जून तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। बता दें कि कोर्ट में पी चिदंबरम की तरफ से कपिल सिब्बल बहस करेंगे।
इससे पहले एयरसेल मेक्सिस मामले में तीन अप्रैल को ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में जांच की सील बंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी जिसमें ईडी ने यूपीए सरकार में वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम पर डील करने का आरोप लगाया गया था।
विज्ञापन
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम पर अपने बेटे कार्ति को वित्त मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि एयरसेल मेक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया था और कैबिनेट कमिटी की अनुमति के बिना ही 3500 करोड़ की डील फाइनल कर दी थी। जबकि अगर नियमों को देखें तो वित्तमंत्री सिर्फ 600 करोड़ रुपये तक की डील को ही मंजूरी दे सकते थे।
क्या है मामला
सीबीआई द्वारा विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, मेक्सिस की सहायक कंपनी ग्लोबल कम्यूनिकेशन सर्विसेज होल्डिंग्स लिमिटेड ने एयरसेल में 800 मिलियन डॉलर के निवेश के लिए मंजूरी मांगी थी। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी इस मामले में अनुमति के लिए सक्षम थी लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम ने बिना विचार किए कंपनी को अनुमोदन प्रदान किया गया था। मामले में कार्ति चिदंबरम पहले से ही बार बार कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। इस मामले में कार्ति के शामिल होने का आरोप है।
विज्ञापन
Former Union Minister P Chidambaram has moved an anticipatory bail plea in Delhi's Patiala House Court in Aircel-Maxis case. Kapil Sibal to argue for him in the case. pic.twitter.com/EMO2BpftMx
— ANI (@ANI) May 30, 2018विज्ञापन
इससे पहले एयरसेल मेक्सिस मामले में तीन अप्रैल को ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में जांच की सील बंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी जिसमें ईडी ने यूपीए सरकार में वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम पर डील करने का आरोप लगाया गया था।
विज्ञापन
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम पर अपने बेटे कार्ति को वित्त मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि एयरसेल मेक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया था और कैबिनेट कमिटी की अनुमति के बिना ही 3500 करोड़ की डील फाइनल कर दी थी। जबकि अगर नियमों को देखें तो वित्तमंत्री सिर्फ 600 करोड़ रुपये तक की डील को ही मंजूरी दे सकते थे।
क्या है मामला
सीबीआई द्वारा विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, मेक्सिस की सहायक कंपनी ग्लोबल कम्यूनिकेशन सर्विसेज होल्डिंग्स लिमिटेड ने एयरसेल में 800 मिलियन डॉलर के निवेश के लिए मंजूरी मांगी थी। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी इस मामले में अनुमति के लिए सक्षम थी लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम ने बिना विचार किए कंपनी को अनुमोदन प्रदान किया गया था। मामले में कार्ति चिदंबरम पहले से ही बार बार कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। इस मामले में कार्ति के शामिल होने का आरोप है।