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AAIB Report: 'अगर 2018 में एअर इंडिया ने मान ली होती सलाह तो..', फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर सामने आया बड़ा सच

Sat, 12 Jul 2025 08:56 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sat, 12 Jul 2025 08:56 AM IST
सार

Air India Plane Crash AAIB Report : अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर अमेरिकी एजेंसी ने सात पहले एअर इंडिया को सलाह जारी की थी। 

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Air India had received important advice on engine switch seven years ago, AAIB Report revealed the truth
एअर इंडिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगर एअर इंडिया ने 2018 में अमेरिकी एजेंसी की सलाह को मान लिया होता तो शायद अहमदाबाद विमान हादसे को टाला जा सकता था। इस भीषण हादसे की जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में बड़ा सच सामने आया है। रिपोर्ट में कहा गया है अमेरिकी एजेंसी संघीय विमान प्रशासन (FAA) ने सात साल पहले एअर इंडिया को इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर अहम सलाह दी थी। मगर एअर इंडिया ने इसे नजरअंदाज कर दिया था। एअर इंडिया ने कहा था कि एफएए ने केवल सलाह जारी की थी, यह अनिवार्य निर्देश नहीं था। इसलिए इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच का निरीक्षण नहीं किया गया। 
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विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिकी एजेंसी संघीय विमान प्रशासन (FAA) ने 17 दिसंबर 2018 को स्पेशल एयरवर्थीनेस इन्फॉर्मेशन बुलेटिन (SAIB) नंबर NM-18-33 जारी किया था। इसमें कहा गया था कि विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच का लॉकिंग फीचर निष्क्रिय होने की आशंका है। एफएए ने यह सलाह बोइंग 737 मॉडल वाले विमान के कुछ ऑपरेटरों से मिली रिपोर्ट के आधार पर जारी की थी। ऑपरेटरों ने रिपोर्ट में कहा था कि इस मॉडल के कुछ विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच का लॉकिंग फीचर निष्क्रिय था। 
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हालांकि एफएए ने अपनी सलाह में इसे असुरक्षित नहीं माना था। इसलिए एफएए ने कोई एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव (AD) जारी करने की आवश्यकता महसूस नहीं की। एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव (Airworthiness Directive) को विमान, इंजन, प्रोपेलर या उपकरण में किसी भी असुरक्षित स्थिति को ठीक करने के लिए जारी किया जाता है। 
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुए विमान में ऐसा ही फ्यूल कंट्रोल स्विच लगा था। जांच में सामने आया कि एअर इंडिया ने एफएए की सलाह के बाद भी फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर का निरीक्षण नहीं किया। इसे लेकर एअर इंडिया ने कहा था कि क्योंकि एफएए ने केवल सलाह जारी की थी, यह कोई अनिवार्य निर्देश नहीं था। इसलिए फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच नहीं की गई।

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फ्यूल कंट्रोल स्विच में नहीं मिली कोई खराबी

एअर इंडिया के विमान के रखरखाव रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि हादसे का शिकार हुए विमान के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल को 2019 और 2023 में बदला गया था। हालांकि यह बदलाव फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ा नहीं था। साथ ही 2023 से अब तक विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच से संबंधित कोई भी खराबी रिपोर्ट नहीं की गई। 

इंजन फ्यूल कटऑफ प्रारंभिक वजह
एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे की प्रारंभिक वजह इंजनों से ईंधन का कट ऑफ होना बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के डाटा रिकॉर्डर की जांच में मिला कि उड़ान के चंद सेकंड बाद दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया, क्योंकि उन्हें ईंधन सप्लाई बंद हो गई थी। रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) से विमान में बिजली आपूर्ति बाधित होने के संकेत मिले, जिसका सीसीटीवी से पता चला था।

 

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विमान दुर्घटना के बाद जांच में अब तक क्या-क्या हुआ

  • ड्रोन फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी समेत मलबा स्थल की गतिविधियां पूरी हो चुकी हैं, और मलबे को हवाई अड्डे के पास एक सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया है।
  • दोनों इंजनों को मलबा स्थल से निकाल लिया गया है और हवाई अड्डे के एक हैंगर में अलग रखा गया है।
  • आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण घटकों की पहचान कर उन्हें अलग रखा गया है।
  • विमान में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किए गए बोजर और टैंकों से लिए गए ईंधन के नमूनों का परीक्षण DGCA की प्रयोगशाला में किया गया और वे संतोषजनक पाए गए।
  • APU फिल्टर और बाएं पंख के रिफ्यूल/जेटसन वाल्व से बहुत सीमित मात्रा में ईंधन के नमूने प्राप्त किए जा सके। इन नमूनों का परीक्षण एक उपयुक्त सुविधा में किया जाएगा, जो सीमित उपलब्ध मात्रा के साथ परीक्षण करने में सक्षम हो।
  • अग्रिम EAFR से डाउनलोड किए गए EAFR डेटा का विस्तार से विश्लेषण किया जा रहा है।
  • जांचकर्ताओं द्वारा गवाहों और जीवित यात्री के बयान प्राप्त कर लिए गए हैं।
  • चालक दल और यात्रियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का पूर्ण विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि एयरोमेडिकल निष्कर्षों की इंजीनियरिंग मूल्यांकन के साथ पुष्टि की जा सके।
  • प्रारंभिक सुरागों के आधार पर अतिरिक्त विवरण एकत्र किए जा रहे हैं।
  • जांच के इस चरण में, B787-8 और/या GE GEnx-1B इंजन संचालकों और निर्माताओं के लिए कोई अनुशंसित कार्रवाई नहीं है।
  • जांच जारी है और जांच दल हितधारकों से मांगे जा रहे अतिरिक्त साक्ष्यों, अभिलेखों और सूचनाओं की समीक्षा और जांच करेगा।

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12 जून को हुआ था हादसा

बता दें कि एअर इंडिया का अत्याधुनिक विमान- बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 बीते 12 जून को अहमदाबाद के मेघाणीनगर में उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड्स बाद क्रैश हो गया। विमान में सवार 242 लोगों में 12 क्रू के सदस्य थे। यात्रियों में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, एक कनाडाई नागरिक और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे। हादसे के समय मेघाणीनगर में मौजूद कई लोग हताहत हुए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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