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Air India: यात्री का दावा- व्हीलचेयर नहीं दी, गिरकर ICU पहुंचीं 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला; एयर इंडिया ने दी सफाई
Sat, 08 Mar 2025 02:30 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 08 Mar 2025 02:30 PM IST
सार
महिला ने पोस्ट में लिखा कि 4 मार्च 2025 को दिल्ली से बंगलूरू आने के दौरान हमने अपनी 82 साल की बुजुर्ग दादी के लिए एयरलाइंस से व्हीलचेयर बुक की थी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें व्हीलचेयर मुहैया नहीं कराई गई।
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एयर इंडिया
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
एक महिला यूजर ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि एयर इंडिया ने उसकी 82 वर्षीय दादी को व्हीलचेयर देने से मना कर दिया, जिसकी वजह से उसकी दादी को पैदल चलना पड़ा और वे गिरकर चोटिल हो गईं। महिला यूजर ने एयरलाइंस पर लापरवाही करने का आरोप लगाया। हालांकि एयरलाइंस ने आरोपों को नकार दिया है और परिजनों पर आधारहीन आरोप लगाने का आरोप लगाया।
क्या है मामला
पारुल कंवर नाम की एक महिला यूजर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि उनकी 82 साल की बुजुर्ग दादी दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरने से चोटिल हो गईं क्योंकि एयर इंडिया ने उन्हें पहले से बुक व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई। इसके चलते उन्हें पैदल जाना पड़ा और वे बुजुर्ग होने के चलते संतुलन खोकर गिर गईं। महिला ने एयरलाइंस पर लापरवाही करने का आरोप लगाया। महिला ने बताया कि चोटिल हुईं महिला एक सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल की विधवा हैं।
महिला ने पोस्ट में लिखा कि 4 मार्च 2025 को दिल्ली से बंगलूरू आने के दौरान हमने अपनी 82 साल की बुजुर्ग दादी के लिए एयरलाइंस से व्हीलचेयर बुक की थी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें व्हीलचेयर मुहैया नहीं कराई गई। कोई और विकल्प न होने की वजह से बुजुर्ग महिला को पैदल ही पार्किंग लेन से टी-3 टर्मिनल जाना पड़ा। इस दौरान वे गिर गईं। महिला यात्री ने आरोप लगाया कि उसकी दादी के गिरने के बाद भी किसी एयर इंडिया स्टाफ ने मदद नहीं की। परिजनों को ही उनकी मदद करनी पड़ी। जब व्हीलचेयर आई तो एयरलाइन ने बिना चिकित्सीय मदद के ही उन्हें विमान में बिठा दिया, जबकि उनके चेहरे पर चोटें साफ दिख रहीं थी। विमान में उन्हें आइस पैक दिए गए और बंगलूरू एयरपोर्ट पर ही उन्हें चिकित्सीय सहायता मिल सकी। महिला यूजर ने दावा किया कि अब उनकी दादी को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है क्योंकि उनके दिमाग में रक्त स्त्राव होने की आशंका है। परिवार ने इसकी शिकायत डीजीसीए और एयर इंडिया से भी की है।
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एयर इंडिया ने दी सफाई
महिला के आरोपों पर एयरलाइन ने कहा कि बुजुर्ग महिला अपने परिवार के साथ टर्मिनल पर तय समय से दो घंटे बाद आईं थी। परिजनों ने विमान के उड़ान भरने से 90 मिनट पहले काउंटर पर रिपोर्ट किया। उस समय व्हीलचेयर की बहुत ज्यादा मांग थी, जिसके चलते उन्हें 15 मिनट में व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई। यात्री ने जो दावा किया है वह पूरी तरह से आधारहीन है कि उन्हें व्हीलचेयर के लिए एक घंटे इंतजार करना पड़ा। साथ ही एयरलाइन ने कहा कि महिला यात्री ने खुद ही पैदल जाने की बात कही थी, लेकिन दुर्भाग्य से वे गिर गईं। विमान में उड़ान के दौरान उन्हें पूरी मदद करने की कोशिश की गई।
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क्या है मामला
पारुल कंवर नाम की एक महिला यूजर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि उनकी 82 साल की बुजुर्ग दादी दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरने से चोटिल हो गईं क्योंकि एयर इंडिया ने उन्हें पहले से बुक व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई। इसके चलते उन्हें पैदल जाना पड़ा और वे बुजुर्ग होने के चलते संतुलन खोकर गिर गईं। महिला ने एयरलाइंस पर लापरवाही करने का आरोप लगाया। महिला ने बताया कि चोटिल हुईं महिला एक सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल की विधवा हैं।
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महिला ने पोस्ट में लिखा कि 4 मार्च 2025 को दिल्ली से बंगलूरू आने के दौरान हमने अपनी 82 साल की बुजुर्ग दादी के लिए एयरलाइंस से व्हीलचेयर बुक की थी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें व्हीलचेयर मुहैया नहीं कराई गई। कोई और विकल्प न होने की वजह से बुजुर्ग महिला को पैदल ही पार्किंग लेन से टी-3 टर्मिनल जाना पड़ा। इस दौरान वे गिर गईं। महिला यात्री ने आरोप लगाया कि उसकी दादी के गिरने के बाद भी किसी एयर इंडिया स्टाफ ने मदद नहीं की। परिजनों को ही उनकी मदद करनी पड़ी। जब व्हीलचेयर आई तो एयरलाइन ने बिना चिकित्सीय मदद के ही उन्हें विमान में बिठा दिया, जबकि उनके चेहरे पर चोटें साफ दिख रहीं थी। विमान में उन्हें आइस पैक दिए गए और बंगलूरू एयरपोर्ट पर ही उन्हें चिकित्सीय सहायता मिल सकी। महिला यूजर ने दावा किया कि अब उनकी दादी को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है क्योंकि उनके दिमाग में रक्त स्त्राव होने की आशंका है। परिवार ने इसकी शिकायत डीजीसीए और एयर इंडिया से भी की है।
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एयर इंडिया ने दी सफाई
महिला के आरोपों पर एयरलाइन ने कहा कि बुजुर्ग महिला अपने परिवार के साथ टर्मिनल पर तय समय से दो घंटे बाद आईं थी। परिजनों ने विमान के उड़ान भरने से 90 मिनट पहले काउंटर पर रिपोर्ट किया। उस समय व्हीलचेयर की बहुत ज्यादा मांग थी, जिसके चलते उन्हें 15 मिनट में व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई। यात्री ने जो दावा किया है वह पूरी तरह से आधारहीन है कि उन्हें व्हीलचेयर के लिए एक घंटे इंतजार करना पड़ा। साथ ही एयरलाइन ने कहा कि महिला यात्री ने खुद ही पैदल जाने की बात कही थी, लेकिन दुर्भाग्य से वे गिर गईं। विमान में उड़ान के दौरान उन्हें पूरी मदद करने की कोशिश की गई।