एअर इंडिया में बड़ा बदलाव: सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पद से दिया इस्तीफा, नए चेहरे की तलाश तेज
एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब एअर इंडिया पिछले कुछ समय से लगातार नुकसान झेल रही है और पिछले साल हुए विमान हादसे के बाद उस पर नियामक एजेंसियों की निगरानी भी बढ़ गई है। इससे कंपनी की छवि और संचालन पर असर पड़ा है।
विस्तार
एअर इंडिया के मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, कंपनी ने उनसे कहा है कि वे नए सीईओ की नियुक्ति तक अपने पद पर बने रहें, ताकि नेतृत्व में बदलाव आसानी से हो सके। बताया जा रहा है कि उनका कार्यकाल अगले साल सितंबर तक था, लेकिन उन्होंने पहले ही संकेत दे दिया था कि वे अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इसी वजह से कंपनी ने जनवरी 2026 से ही नए सीईओ की तलाश शुरू कर दी थी। अब इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है और अगले हफ्ते इस पर अहम बैठक होने वाली है।
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जुलाई 2022 से विल्सन संभाल रहे थे सीईओ का पद
कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एअर इंडिया की कमान संभाली थी। इससे पहले उन्होंने करीब 26 साल तक सिंगापुर एयरलाइंस में काम किया, जहां उन्होंने कई बड़े पदों पर जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान एअर इंडिया में कई बड़े बदलाव किए गए। सबसे अहम रहा विस्तारा का एअर इंडिया में सफल विलय, जिसे बिना किसी बड़ी परेशानी के पूरा किया गया। इसके अलावा कंपनी ने अपने बेड़े को बढ़ाने की योजना पर भी काम किया और कई व्यस्त रूट्स पर मार्केट लीडर इंडिगो को भी पीछे छोड़ा।
कई चुनौतियों से जूझ रही है एअर इंडिया
दरअसल, एअर इंडिया इस समय कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगे हैं, जिससे विमानों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इससे ईंधन खर्च बढ़ गया है और ऑपरेशन महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, नए विमानों की सप्लाई में देरी और बढ़ती लागत भी कंपनी के लिए परेशानी बनी हुई है।
अहमदाबाद विमान हादसे से कंपनी को लगा झटका
इन समस्याओं के बीच 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एअर इंडिया के एक बोइंग ड्रीमलाइनर (एआई 171) के हादसे ने भी कंपनी को बड़ा झटका दिया था, जिसमें 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कंपनी की छवि और संचालन दोनों पर असर पड़ा।
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एअर इंडिया को वित्त वर्ष 2026 में करोड़ों के नुकसान की आशंका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में एअर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है, जो अब तक का सबसे बड़ा घाटा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए सीईओ के लिए कंपनी ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसे इंटरनेशनल एयरलाइन चलाने का अनुभव हो, फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट दोनों तरह के मॉडल की समझ हो, और जो मुश्किल हालात में कंपनी को संभाल सके।
इंडिगो के सीईओ ने इसी साल दिया इस्तीफा
इस साल नेतृत्व में बदलाव देखने वाली एकमात्र भारतीय एयरलाइन एयर इंडिया नहीं है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो, जिसे पिछले साल दिसंबर में व्यापक व्यवधानों का सामना करना पड़ा था, ने 10 मार्च को अपने सीईओ पीटर एल्बर्स के अचानक इस्तीफे की घोषणा की और 30 मार्च को विलियम वाल्श को अपना नया प्रमुख नियुक्त किया।
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