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केंद्रीय मंत्री बोले- अयोध्या पर टकराव का माहौल बनाने की कोशिश में पर्सनल लॉ बोर्ड
Sun, 01 Dec 2019 12:30 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 01 Dec 2019 12:30 PM IST
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मुख्तार अब्बास नकवी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अयोध्या मामले को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका की बात करने वाले लोग बिखराव और टकराव का माहौल पैदा करने की कोशिश में हैं लेकिन समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अयोध्या का मुद्दा अब खत्म हो गया है और इसे अब उलझाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए क्योंकि देश की शीर्ष अदालत ने सर्वसम्मति के फैसले में इस मामले को हल कर दिया है।
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नकवी ने देश के इन दो प्रमुख मुस्लिम संगठनों पर उस वक्त निशाना साधा है जब इन दोनों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ अगले कुछ दिनों के भीतर पुनर्विचार याचिका दायर करने की घोषणा की है।
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नकवी ने कहा कि मुस्लिम समाज के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा सिर्फ बाबरी नहीं, बराबरी (शिक्षा एवं सामाजिक सशक्तीकरण में) भी है। पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ अलग-थलग पड़ी आवाजें हैं जो पूरे समाज की नहीं हैं। सभी वर्गों की भावना यही है कि अदालत से मामला हल हो गया है और हम आगे बढ़ना चाहिए। हमें इसमें उलझना नहीं चाहिए।
नकवी ने सवाल किया कि अगर वे (पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत) इतने ही गम्भीर थे तो फिर पहले ही अदालत के कहने पर समझौते के लिए सहमत क्यों नहीं हुए? उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग बिखराव और टकराव का माहौल बनाने की कोशिश में हैं, लेकिन कोई भी समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।
नकवी ने कहा कि आदर्श स्थिति यह होगी कि ऐसे दशकों पुराने मामले को उलझाने की कोशिश नहीं हो जिसका समाधान न्यायालय ने सर्वसम्मति के फैसले से कर दिया है। समाज के सभी वर्गों ने फैसले का सम्मान किया। लेकिन अगर कुछ लोगों को इस फैसले के बाद देश में दिखी एकता हजम नहीं हो रही है तो दुखद है।
यह पूछे जाने पर कि पुनर्विचार याचिका अयोध्या मामले में नया अध्याय खोलने की कोशिश है तो नकवी ने कहा कि देश यह स्वीकार नहीं करेगा और लोगों के लिए यह मामला अब खत्म हो गया है।