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एम्स का दावा: टीका लगने के बाद दोबारा संक्रमित होने पर भी मौत का खतरा नहीं, अप्रैल-मई में नहीं आया ऐसा केस

Fri, 04 Jun 2021 08:01 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 04 Jun 2021 08:01 PM IST
सार

दिल्ली एम्स ने एक अध्ययन के बाद यह दावा किया है। इसमें कहा गया है कि टीका लगने के बाद दोबारा संक्रमित होने पर भी मौत का कोई मामला सामने नहीं आया। 
 

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AIIMS claim: There is no risk of death even after getting re-infected after vaccination, such a case did not come in April-May
एम्स दिल्ली - फोटो : फाइल

विस्तार

अभा आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली ने एक अध्ययन में बड़ी बात पता लगाई, जिससे कोरोना को लेकर आमजन में चिंता कम हो सकती है, बशर्ते टीका लगवा लिया जाए। एम्स ने अपने शोध के निष्कर्ष बतौर कहा है कि कोविड-19 से बचाव का टीका लगवा लेने के बाद यदि कोई व्यक्ति दोबारा संक्रमित भी हो जाता है तो उसकी मौत का खतरा नहीं रहता है। 

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अध्ययन के दौरान पाया गया कि अप्रैल-मई 2021 के दौरान किसी ऐसे व्यक्ति की मौत नहीं हुई, जो कोरोना का टीका लगवा चुका था और इसके बाद भी महामारी से संक्रमित हो गया था। यह अध्ययन ऐसे वक्त किया गया था, जब भारत में दूसरी लहर के कारण महामारी चरम पर थी। इसी दौरान संकमितों के शरीर में वायरस के जीनोम अनुक्रमण का अध्ययन करने के बाद यह बड़ा खुलासा हुआ है। 

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यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह से टीका लगवाने के बाद भी कोविड-19 का शिकार होता है तो इसे एक सफल संक्रमण के रूप में जाना जाता है। यहां तक कि अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का भी कहना है, 'पूरी तरह से टीकाकरण वाले लोगों में से कुछेक बीमार हो सकते हैं, अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं या महामारी से मर भी सकते हैं। 

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अध्ययन में एम्स ने यह पाया
अप्रैल-मई की अवधि के दौरान संक्रमित लोगों के अध्ययन में पुष्टि हुई है कि जिन लोगों को टीके लगाए जा चुके थे, उनमें बहुत अधिक वायरल लोड होने के बाद भी उनकी मृत्यु नहीं हुई। एम्स ने टीके लगवा चुके दिल्ली के 63 लोगों में वायरस संक्रमण का अध्ययन किया था। इनमें से 36 रोगियों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी थी, जबकि 27 को एक खुराक लग चुकी थी। 10 मरीजों को कोविशील्ड वैक्सीन लगी थी, जबकि 53 को कोवाक्सिन लगी थी। 

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