Tamil Nadu: काली शर्ट में विधानसभा पहुंचे AIADMK के विधायक, लेकिन पनीरसेल्वम ने सफेद शर्ट पहन किया हैरान
अन्नाद्रमुक विधायकों ने पलानीस्वामी और ओ पन्नीरसेल्वम के बैठने की व्यवस्था को लेकर स्पीकर मुथुवेलायुधा पेरुमल अप्पावु की आलोचना करते हुए कानून व्यवस्था को लेकर द्रमुक सरकार की निंदा की।
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पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईडीएमके विधायक बुधवार को डीएमके सरकार और स्पीकर अप्पावु के खिलाफ विरोध जताने के लिए काली शर्ट में तमिलनाडु विधानसभा पहुंचे। अन्नाद्रमुक विधायकों ने पलानीस्वामी और ओ पन्नीरसेल्वम के बैठने की व्यवस्था को लेकर स्पीकर मुथुवेलायुधा पेरुमल अप्पावु की आलोचना करते हुए कानून व्यवस्था को लेकर द्रमुक सरकार की निंदा की। इन सबके बीच सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि पार्टी के साथी विधायक काली शर्ट में विधानसभा पहुंचे, लेकिन पनीरसेल्वम को सफेद कपड़े पहने विधानसभा परिसर में प्रवेश करते हुए देखा गया।
बुधवार को सुबह 10 बजे विधानसभा का सत्र शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को सदन में अपना पारंपरिक संबोधन देने के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के साथ हुई। बहस दो दिन 11 जनवरी और 12 जनवरी तक चलेगी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन 13 जनवरी को सदन को संबोधित करेंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश किया धन्यवाद प्रस्ताव
तमिझगम विवाद के बीच तमिलनाडु के विधायक तिरु एन इरामाकृष्णन ने बुधवार को राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। इसमें 9 जनवरी को की गई उनकी कार्रवाई पर खेद शब्द का जिक्र किया गया है।
धन्यवाद प्रस्ताव में गया, तमिलनाडु विधानसभा के सदस्य यह राज्यपाल के अभिभाषण के कुछ अंशों को छोड़कर 9 जनवरी, 2023 को सदन में दर्ज अभिभाषण के लिए माननीय राज्यपाल के आभारी हैं।
सोमवार को सदन के उद्घाटन सत्र में राज्यपाल रवि की टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से हंगामा शुरू कर दिया। सत्तारूढ़ डीएमके और उसके सहयोगी दलों कांग्रेस और वीसीके के विधायकों ने राज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और वॉकआउट किया।
डीएमके विधायकों ने राज्यपाल के खिलाफ 'भाजपा, आरएसएस की विचारधारा न थोपें' जैसे नारे भी लगाए। सूत्रों ने कहा हालांकि डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को अपने विधायकों से अनुरोध किया कि वे राज्यपाल पर कोई अप्रिय टिप्पणी न करें। सूत्रों ने आगे बताया कि स्टालिन ने विधायकों से राज्यपाल के खिलाफ कोई पोस्टर न लगाने को भी कहा।