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Ahmedabad: 10 फर्जी फर्मों से जुड़ी 37 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता चला; व्यवसायी गिरफ्तार
Thu, 01 Jun 2023 12:45 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, अहमदाबाद।
पीटीआई, अहमदाबाद।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 01 Jun 2023 12:45 AM IST
सार
अहमदाबाद दक्षिण के सीजीएसटी आयुक्तालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि जांच के दौरान 205.27 करोड़ रुपये के कर योग्य मूल्य वाले 36.95 करोड़ रुपये की जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) चोरी का पता चला, जिसमें दस फर्जी कंपनियां शामिल थीं।
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जीएसटी (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) आयुक्तालय द्वारा 10 फर्जी फर्मों से जुड़ी 36.95 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता चलने के बाद 7.22 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के आरोप में एक कारोबारी को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। सीजीएसटी आयुक्तालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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सीजीएसटी अहमदाबाद दक्षिण आयुक्तालय की निवारक शाखा ने फर्मों की एक श्रृंखला के माध्यम से चालान करके नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने में शामिल फर्जी फर्मों के एक जाल का पता लगाया। अहमदाबाद दक्षिण के सीजीएसटी आयुक्तालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि जांच के दौरान 205.27 करोड़ रुपये के कर योग्य मूल्य वाले 36.95 करोड़ रुपये की जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) चोरी का पता चला, जिसमें दस फर्जी कंपनियां शामिल थीं।
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अदालन ने13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा
आशापुरा ट्रेडर्स के मालिक विहोल विरामजी (Vihol Viramji) को 29 मई को 7.22 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और उसका इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे यहां एक महानगरीय अदालत (Metropolitan Court) में पेश किया गया। अदालन ने उसे 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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विज्ञप्ति में कहा गया है सीजीएसटी अहमदाबाद दक्षिण आयुक्तालय की निवारक शाखा ने उन फर्मों के खिलाफ जांच शुरू की है जो माल की वास्तविक प्राप्ति के बिना फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ और उपयोग में शामिल हैं। ये कंपनियां मुख्य रूप से स्क्रैप के व्यापार में शामिल थीं। इसके अलावा संदिग्ध/फर्जी जीएसटी पंजीकरण का पता लगाने के लिए वर्तमान में पूरे देश में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञप्ति में कहा गया है आयुक्तालय फर्जी और काल्पनिक फर्मों से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट के धोखाधड़ी लाभ और उपयोग में शामिल सिंडिकेट और समूहों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहा है। इनके द्वारा जीएसटी की बड़ी चोरी की जाती है। चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जो फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और इस्तेमाल करने में शामिल थे। इनपुट टैक्स क्रेडिट का मतलब आम तौर पर व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर भुगतान किए गए जीएसटी के क्रेडिट का दावा करना है।