विमान हादसे में जल गए सपने: किसी को पढ़-लिखकर नाम करना था, तो कोई अकेला कमाने वाला...अब गम में डूबे परिवार
अहमदाबाद में एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना न जाने कितने ही लोगों के छोटे-बड़े सपनों की आखिरी उड़ान साबित हुआ। हादसे में जान गंवाने वाले विमान के यात्रियों में एक बेटी है, जिसे उसका परिवार कर्ज लेकर पढ़ने के लिए लंदन भेज रहा था। एक बेटी है, जो अपने परिवार में अकेली कमाने वाली थी। एक परिवार ने अपने इकलौते बेटे को बड़े अरमानों से साथ पढ़ाई के लिए लंदन भेजा था, तो एक नई-नवेली दुल्हन भी है, जिसने शादी के दो दिन बाद ही हादसे में अपने पति को गंवा दिया। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ऐसे ही परिवारों की आप-बीती...
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विस्तार
एअर इंडिया विमान हादसे के बाद अब जले हुए अवशेषों में अपनों की पहचान के लिए लोग अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को अस्पताल के बाहर जो दृश्य दिखा, वह दिल दहलाने वाला था। लोग अपनों की पहचान के लिए बिलखते नजर आए, तो गम में डूबे लोग एक-दूसरे का सहारा भी बने। कई लोग मोबाइल फोन में तस्वीर दिखाकर अपनों को ढूंढ़ रहे थे। हृदय विदारक इस भीषण विमान दुर्घटना ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन डीएनए सैंपल दे रहे हैं, ताकि शवों की पहचान हो सके। वहीं, घायलों के परिजन तीमारदारी में जुटे हैं।
पिता रिक्शा चालक, बेटी को पढ़ाने के लिए कर्ज लिया
साबरकांठा जिले के सुरेश खटिक लोडिंग रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी बेटी पायल लंदन के एक कॉलेज से एमटेक का कोर्स करने जा रही थी। उनके एक रिश्तेदार ने बताया कि बेटी पढ़-लिखकर कुछ बन जाए, इसके लिए सुरेश ने बहुत मेहनत की। परिवार को उससे तमाम उम्मीदें थीं। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पायल ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार की आर्थिक मदद करती थी। उसे लंदन भेजने के लिए सुरेश खटिक ने कई जगह से कर्ज भी ले रखा था।
संकेत ने लंदन में पढ़ने के लिए कड़ी मेहनत की थी
मेहसाणा निवासी संकेत गोस्वामी अपनी आगे की पढ़ाई के लिए लंदन जा रहे थे और इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी। संकेत के चाचा ने बताया कि उनका युवा भतीजा लंदन में पढ़ने का सपना पूरा होने से बेहद उत्साहित था। हम सब उसे खुशी-खुशी एयरपोर्ट छोड़कर आए थे। संकेत की एक छोटी बहन है और वह अपने माता-पिता का अकेला बेटा था।
हाथ की मेहंदी भी नहीं सूखी थी पति अनंत यात्रा पर चले गए
लंदन में बसे भाविक (26) करीब 10 दिन पहले ही वड़ोदरा स्थित अपने घर आए थे, और 10 जून को ही उनकी यहां पर ईशा महेश्वरी (26) के साथ शादी हुई थी। विमान हादसे की खबर सुनते ही ईशा बेहोश हो गई। सिविल अस्पताल में मौजूदा ईशा के परिजनों ने कहा कि उसकी तो हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी है। उस पर तो गमों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जन्मदिन पर पति से मिलने के लिए कराई पहले की टिकट
मध्यप्रदेश के इंदौर की हरप्रीत कौर होरा पिछले कुछ दिनों से काफी खुश थीं और लंदन जाने की अपनी तैयारियों के बारे में सभी रिश्तेदारों से बात कर रही थीं। उनकी शादी 2020 में हुई थी। उनके रिश्तेदार राजीव सिंह होरा ने बताया कि उनके पति का 16 जून को जन्मदिन था और हरप्रीत 19 जून को लंदन जाने वाली थीं। लेकिन पति ने कहा कि वह जन्मदिन पर उनके पास रहें। इसलिए हरप्रीत ने 12 जून की टिकट करा ली थी। परिवार अब उसकी पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण के नतीजों का इंतजार कर रहा है।
परिवार में एकमात्र कमाने वाली थी चालक दल की लामनुनथेम सिंगसन
विमान के चालक दल में मणिपुर की लामनुनथेम सिंगसन (26) भी शामिल थीं जो अपने परिवार की एकमात्र कमाऊ सदस्य थीं। उनके परिवार ने पूर्वोत्तर राज्य में जातीय हिंसा का दंश भी झेला था। सिंगसन के एक रिश्तेदार ने बताया कि उसने आखिरी बार अपनी विधवा मां से 11 जून को फोन पर बात की थी। चचेरे भाई लुन किपगेन ने बताया कि उस समय रात हो रही थी और सिंगसन ने मां से कहा था कि वह जल्दी सोना चाहती हैं, क्योंकि अगले दिन लंदन के लिए उड़ान भरनी है। सबसे बड़ा भाई बेरोजगार और पुरानी बीमारी से पीड़ित है, जबकि दो अन्य भाई पढ़ाई कर रहे हैं। अपने बच्चों को पालने के लिए काफी संघर्ष करने वाली विधवा मां सिंगसन की मौत की खबर से सदमे में है।
पूरे परिवार को जोड़कर रखती थीं अंजू
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की रहने वाली अंजू शर्मा अपने परिवार में सबसे बड़ी थीं और अपनी बेटी से मिलने के लिए इंग्लैंड जा रही थी। अंजू शर्मा के रिश्तेदार संजीव कुमार ने बताया कि उनके माता-पिता रामसरन माजरा गांव में रहते हैं। वह परिवार में बड़ी थी और सबसे ज्यादा सक्रिय रहती थीं। वही पूरे परिवार को जोड़कर रखती थीं।
लंदन से फोन करने का वादा रह गया अधूरा
एअर इंडिया की चालक दल की सदस्य महाराष्ट्र की मैथिली पाटिल ने पिता मोरेश्वर पाटिल से कहा था कि लंदन पहुंचते ही उन्हें फोन करेगी। अब यह वादा कभी पूरा नहीं हो पाएगा। नहावा गांव की मैथिली दो साल पहले एअर इंडिया में शामिल हुई थीं। पिता मोरेश्वर पाटिल ओएनजीसी के एक ठेकेदार हैं। पाटिल के रिश्तेदार और नहावा के पूर्व सरपंच जितेंद्र म्हात्रे ने बताया कि मैथिली ने हादसे से कुछ मिनट ही पहले अपने पिता को आखिरी बार फोन किया था।
इलाज कराने मायके आईं रूपल सही-सलामत नहीं लौट पाईं
पिछले 15 वर्षों से लंदन में रह रही रूपल पटेल (45) इलाज कराने के लिए खेड़ा जिले के नाडियाड स्थित उत्तरसांडा गांव में अपने मायके आई थीं। उनके पति और तीन बच्चे लंदन में हैं। रूपल के भाई पवन पटेल ने बताया कि वह तो उसे सही-सलामत एयरपोर्ट छोड़कर आए थे। बहन के साथ बिताए आखिरी पलों को साझा करते हुए पवन ने कहा कि मैंने सामान उठाने में उनकी मदद की क्योंकि वह अभी ही बीमारी से उबरी थीं। अंत में गले लगाया और अपना ख्याल रखने को कहा। लेकिन अब वह हमारे बीच नहीं है।
पिता की देखभाल के लिए इस्तीफा देना चाहते थे सुमित...आखिरी उड़ान अंतिम सफर साबित हुआ
अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त एअर इंडिया विमान के पायलट सुमित सभरवाल ने अपने पिता से वादा किया था कि लंदन की उड़ान के बाद इस्तीफा दे देंगे और उनकी देखभाल करेंगे। लेकिन यह उनकी आखिरी उड़ान साबित हुई। वह अपने पिता पुष्कराज सभरवाल के साथ पवई के हीरांदानी जलवायु विहार सोसायटी में रहते थे। एअर इंडिया के कुशल पायलटों में शुमार रहे कैप्टन सुमित सभरवाल अविवाहित थे।
उनके पिता की उम्र अभी 90 वर्ष है और वह नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) में काम कर चुके हैं। विमान हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय शिवसेना विधायक दिलीप लांडे जलवायु विहार स्थित उनके घर पहुंचे। इस दौरान सुमित के पिता ने बताया कि वह लंदन की उड़ान से लौटने के बाद एअर इंडिया से इस्तीफा देने वाले थे। कैप्टन सभरवाल के एक परिचित ने बताया कि वह अपने पिता के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहते थे। उनके पारिवारिक मित्र विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) संजय पई ने सभरवाल को सोसायटी का एक अच्छा सदस्य बताया और कहा कि हर कोई उनके निधन की खबर से स्तब्ध है। सोसायटी के लोग उनकी मौत से सदमे में हैं। कई लोग बुजुर्ग पिता से मिलने आए। बेटे की मौत पर विलाप करते पिता को देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही हैं।
चालक दल के परिवार सदमे में
एअर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान के चालक दल के 9 सदस्यों और दो पायलटों के परिवार सदमे में है। दूसरे पायलट क्लाइव कुंदन हाल में मुंबई में सांताक्रुज के कालीना से बोरिवली में शिफ्ट हुए थे। गोरेगांव पूर्व में रहने वाली अपर्णा महाडिक के घर में मातम पसरा है। सैनीता चक्रवर्ती अपनी मां के साथ जुहू में रहती थी। लंबे समय तक इंडिंगो में एयर होस्टेस रहने के बाद एयर इंडिया में शामिल हुई थी। रोशनी सोनघरे ठाणे के डोंबिवली में और मैथिली रायगढ़ जिले के उरण में रहती थी। रोशनी के इंस्टाग्राम पर उसके 54 हजार से अधिक फालोवर्स थे।
एनआरआई जावेद अली का पूरा परिवार खत्म
मुंबई में जन्में एनआरआई जावेद अली का परिवार भी इस हादसे का शिकार बना। अली ब्रिटिश नागरिक थे और अपनी पत्नी मरियम और बच्चों जियान और अमीन के साथ लंदन जा रहे थे। वह अपनी मां का इलाज कराने लंदन से मुंबई आए थे। अली के रिश्तेदाों ने कहा कि अली कुछ साल से लंदन में रह रहे थे। अली के रिश्तेदार अहमदाबाद में हैं और जावेद सहित परिवार के डीएनए टेस्ट के बाद उनके अवशेषों को लाकर मुंबई में अंतिम संस्कार करना चाहते हैं।
बचपन से आकाश में उड़ने का सपना देखती थी मनीषा थापा
पटना की रहने वाली मनीषा थापा एअर इंडिया में एयर होस्टेस थीं और दुर्घटनाग्रस्त विमान में ड्यूटी निभा रही थीं। परिजनों ने बताया कि मनीषा बचपन से ही आकाश में उड़ने का सपना देखा करती थीं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत से एयर होस्टेस बनने का सपना पूरा किया था। मनीषा का परिवार पटना के जगदेव पथ स्थित श्यामा अपार्टमेंट के पास रहता है। मूलतः नेपाल के विराटनगर की रहने वाली थी लेकिन बचपन से ही पटना में रह रही थीं।