Ahmedabad Tragedy: कालिख में लिपटीं इमारतें खौफनाक मंजर की गवाह, दुर्घटनास्थल पर 50-60 पुलिसकर्मी आज भी तैनात
एअर इंडिया के विमान एआई-171 को दुर्घटनाग्रस्त हुए एक महीना हो गया है...अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास कभी चहल-पहल से भरे रहने वाले मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में सन्नाटा है। जले हुए पेड़, कालिख से सनी दीवारें और खाली इमारतें विमान हादसे की भयावहता की याद दिलाती हैं।
विस्तार
12 जून को एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-171, जो गैटविक (लंदन) जा रही थी, सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे को एक महीना हो गया है। विमान दुर्घटना के समय, बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्र और रेजिडेंट डॉक्टर अपने हॉस्टल के कमरों में थे और कुछ छात्र दोपहर के भोजन के लिए मेस में मौजूद थे। विमान का पिछला हिस्सा मेस बिल्डिंग से टकराया, जिससे एक शांत दोपहर आग और तबाही के भयावह मंजर में बदल गई। विमान का मलबा हॉस्टल परिसर में बिखर गया। चार छात्रावास भवन - अतुल्यम 1 से 4 - और मेस भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। क्षतिग्रस्त इमारतों पर अभी भी मोटी कालिख जमी हुई है।
- सेना चिकित्सा कोर परिसर में कई पेड़ों एवं एक चिमनी से टकराने के साथ विमान नीचे उतरने लगा और बिल्डिंग-ए (मेस बिल्डिंग) की उत्तर-पूर्वी दीवार से जाकर टकरा गया।
- जिस पेड़ से विमान का पहला संपर्क हुआ और बिल्डिंग-ए पर जिस बिंदु पर विमान टकराया, उनके बीच की दूरी 293 फीट है।
विमान से अलग हो गया वर्टिकल स्टेबलाइजर
विमान का वर्टिकल स्टेबलाइजर अलग होकर पहली इमारत के साथ शुरुआती संपर्क बिंदु से लगभग 200 फीट दक्षिण में आकर रुक गया। विमान का पिछला हिस्सा और मुख्य लैंडिंग गियर (एमएलजी) उसी इमारत की उत्तर-पूर्वी दीवार में धंसे हुए पाए गए, जबकि बाकी हिस्सा आगे की ओर बढ़ता रहा।
दाहिना इंजन कंक्रीट की टंकी से टकराया
- विमान का दाहिना इंजन कंक्रीट की पानी की टंकी से टकराया और विमान से अलग हो गया। मेस बिल्डिंग की छत में विमान के पिछले हिस्से के धंस जाने से एक बड़ा छेद हो गया।
- रनवे के प्रस्थान छोर से दुर्घटना स्थल केवल 0.9 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है। रिपोर्ट के अनुसार, मलबा 1000x400 फीट क्षेत्र में फैला हुआ था।
चार अन्य इमारतों से भी टकराए विमान के हिस्से
पहली इमारत से शुरुआती संपर्क के बाद विमान के विभिन्न हिस्से अलग हो गए और चार अन्य इमारतों से टकराए। दाहिने पंख के हिस्से दो प्रभावित इमारतों और आसपास के इलाकों में पाए गए, जबकि बायां इंजन चौथी इमारत के उत्तरी कोने में जमीनी स्तर पर टकराया। रिपोर्ट में कहा गया है, “इंजन, उससे जुड़े काउलिंग के बचे हुए हिस्से और आसपास के इलाके को आग से भारी नुकसान पहुंचा है।”

छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास
- बी.जे. मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. मीनाक्षी पारिख ने बताया, लगभग 150 छात्रों को तुरंत अन्य छात्रावासों के खाली कमरों या कॉलेज द्वारा किराए पर लिए गए निजी अपार्टमेंट में स्थानांतरित कर दिया गया।
- उन्होंने कहा, एक सप्ताह के भीतर, हमने आवास की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली थी। क्षतिग्रस्त मेस भवन अब उपयोग में नहीं है और छात्रों को अब अन्य छात्रावास भवनों में संचालित कैंटीनों में भोजन दिया जा रहा है।
पुलिसकर्मियों की एक टुकड़ी को छोड़कर, दुर्घटनास्थल पर कोई गतिविधि नहीं दिख रही। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह राठौर ने कहा, दुर्घटनास्थल की सुरक्षा के लिए लगभग 50-60 पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा, अगले 2-4 दिनों में एएआईबी द्वारा हमें एक रिपोर्ट दिए जाने के बाद, जिसमें कहा गया हो कि अब घटनास्थल पर उनकी आवश्यकता नहीं है, यहां से पुलिसकर्मियों की तैनाती हटा ली जाएगी।