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विमान हादसे की जांच रिपोर्ट: न पक्षी टकराया, न ही मिले किसी साजिश के संकेत; रिपोर्ट में सामने आई अहम जानकारी
Sat, 12 Jul 2025 10:28 AM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 12 Jul 2025 10:28 AM IST
सार
अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे की एएआईबी रिपोर्ट में साजिश या बर्ड हिट के संकेत नहीं मिले। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरते ही दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच अचानक बंद हो गए, जिससे विमान क्रैश हुआ। पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति भी रिकॉर्ड हुई। यह हादसा हाल के वर्षों में सबसे घातक माना जा रहा है, जिसमें 274 लोगों की जान गई।
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एअर इंडिया विमान हादसे की तस्वीर
- फोटो : PTI
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विस्तार
अहमदाबाद से उड़ान भरते ही क्रैश हुए एअर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की पहली रिपोर्ट सामने आ गई है। इस भीषण दुर्घटना में कम से कम 274 लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के दोनों इंजनों को ईंधन देने वाले स्विच अचानक बंद हो गए और इसके बाद पायलट्स के बीच भ्रम की स्थिति बनी रही। हालांकि, जांच एजेंसी ने इस दुर्घटना में तोड़फोड़ या किसी पक्षी के टकराने की आशंका से इनकार किया है।
एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि लंदन जा रही इस फ्लाइट ने अधिकतम 180 नॉट्स की रफ्तार हासिल की और तभी दोनों इंजनों के ईंधन कटऑफ स्विच एक-एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गए। इसके बाद विमान ने तेजी से ऊंचाई खोई और अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज पर गिर गया। हादसे के बाद विमान में सवार 242 यात्रियों और क्रू में से केवल एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया।
कॉकपिट में बातचीत रिकॉर्ड
एएआईबी की रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का भी हवाला दिया गया है। इसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है कि उसने फ्यूल क्यों बंद किया, जिस पर दूसरा जवाब देता है कि उसने ऐसा नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इंजनों की गति में कटौती ईंधन सप्लाई बंद होने के ठीक बाद शुरू हो गई थी। इस तकनीकी गड़बड़ी को ही अब मुख्य कारण माना जा रहा है।
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ये भी पढ़ें- AAIB की जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे; जानें भीषण हादसे में अब तक क्या-क्या हुआ?
ईंधन में कोई खराबी नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से पहले विमान में डाला गया ईंधन भी पूरी तरह से मानकों के अनुरूप पाया गया। फ्यूल बाउजर और टैंकों से लिए गए सैंपल्स को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की लैब में जांचा गया और सभी सैंपल संतोषजनक पाए गए। इसका मतलब है कि ईंधन की गुणवत्ता में कोई खराबी नहीं थी।
ये भी पढ़ें- पायलट ने पूछा- ईंधन स्विच क्यों बंद किया? दूसरे का जवाब- नहीं किया; रिपोर्ट में कई खुलासे
भयानक हादसे का मंजर
AI-171 विमान जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ, तब वह बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास के ऊपर जा गिरा। इस हादसे में केवल विमान में सवार लोग ही नहीं, बल्कि कॉलेज परिसर में मौजूद 9 छात्रों और उनके परिजनों की भी जान चली गई। दुर्घटना के बाद आग की लपटों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
सभी एंगल से जांच जारी
विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने पहले ही कहा था कि सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है, जिनमें तोड़फोड़ की आशंका भी शामिल है। हालांकि, एएआईबी की शुरुआती रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एअर इंडिया ने भी बयान जारी कर कहा है कि वे जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और जब तक जांच पूरी नहीं होती, वे कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे।
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एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि लंदन जा रही इस फ्लाइट ने अधिकतम 180 नॉट्स की रफ्तार हासिल की और तभी दोनों इंजनों के ईंधन कटऑफ स्विच एक-एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गए। इसके बाद विमान ने तेजी से ऊंचाई खोई और अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज पर गिर गया। हादसे के बाद विमान में सवार 242 यात्रियों और क्रू में से केवल एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया।
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कॉकपिट में बातचीत रिकॉर्ड
एएआईबी की रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का भी हवाला दिया गया है। इसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है कि उसने फ्यूल क्यों बंद किया, जिस पर दूसरा जवाब देता है कि उसने ऐसा नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इंजनों की गति में कटौती ईंधन सप्लाई बंद होने के ठीक बाद शुरू हो गई थी। इस तकनीकी गड़बड़ी को ही अब मुख्य कारण माना जा रहा है।
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ईंधन में कोई खराबी नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से पहले विमान में डाला गया ईंधन भी पूरी तरह से मानकों के अनुरूप पाया गया। फ्यूल बाउजर और टैंकों से लिए गए सैंपल्स को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की लैब में जांचा गया और सभी सैंपल संतोषजनक पाए गए। इसका मतलब है कि ईंधन की गुणवत्ता में कोई खराबी नहीं थी।
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भयानक हादसे का मंजर
AI-171 विमान जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ, तब वह बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास के ऊपर जा गिरा। इस हादसे में केवल विमान में सवार लोग ही नहीं, बल्कि कॉलेज परिसर में मौजूद 9 छात्रों और उनके परिजनों की भी जान चली गई। दुर्घटना के बाद आग की लपटों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
सभी एंगल से जांच जारी
विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने पहले ही कहा था कि सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है, जिनमें तोड़फोड़ की आशंका भी शामिल है। हालांकि, एएआईबी की शुरुआती रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एअर इंडिया ने भी बयान जारी कर कहा है कि वे जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और जब तक जांच पूरी नहीं होती, वे कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे।
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