Air India Plane Crash: AAIB की जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे; जानें भीषण हादसे में अब तक क्या-क्या हुआ?
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 टेकऑफ के 90 सेकंड बाद क्रैश हो गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 260 लोगों की जान चली गई। एएआईबी की रिपोर्ट में सामने आया कि टेकऑफ के दौरान दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच गलती से बंद हो गए थे। इस भीषण विमान दुर्घटना को आज एक महीना हो गया, लेकिन पीड़ित परिवारों की आंखे आज भी नम हैं। आइए जानते है कि इस भीषण हादसे में अब तक क्या-क्या हुआ?
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आज से ठीक एक महीना पहले 12 जून का वो काला दिन, जब अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही सकेंडों में 260 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 229 यात्री, 12 क्रू सदस्य और 19 जमीन पर मौजूद लोग शामिल थे। देशभर को इस हादसे ने झकझोर कर रख दिया था। पीड़ित परिवार आज भी इस हादसे के सदमे से उबर नहीं पाए हैं। इसी बीच शनिवार 12 जुलाई को विमान हादसों की जांच करने वाली एजेंसी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने इस हादसे पर 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई सारे चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। आइए शुरुआत से लेकर अब तक इस हादसे में क्या-क्या हुआ एक नजर डालते हैं।
12 जून का वो दिन, जब हुआ था भीषण विमान हादसा
एअर इंडिया की लगभग 12 साल पुरानी बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (रजिस्ट्रेशन VT-ANB) 12 जून को अहमदाबाद से लंदन गेटविक जा रही थी। उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज के रिहायशी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिसमें 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य शामिल थे। हादसे में 260 लोगों की जान चली गई। हादसे में एक मात्र ब्रिटिश नागरिक विश्वाश कुमार रमेश (45 वर्ष) जीवित बचे।
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एअर इंडिया ने किया मुआवजा और सहायता का एलान
हादसे के बाद एअर इंडिया की मूल कंपनी टाटा संस ने मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। इसके अलावा, एअर इंडिया ने 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा भी देना शुरू किया। इसके सात ही एअर इंडिया ने प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों की टीम भेजी है जो पीड़ित परिवारों को मानसिक सहयोग दे रही है।
एक दिन बाद शुरू हुई हादसे की जांच
हादसे के बाद देशभर में चर्चा तेज थी कि इतने बड़े हादसे का कारण क्या है। ऐसे में 13 जून को हादसे की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने एक बहुविशेषज्ञ टीम गठित की। साथ ही केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई, जो इस हादसे के कारणों की जांच और भविष्य के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस सुझाएगी। इतना ही नहीं मामले में डीजीसीए ने भी एअर इंडिया की बोइंग 787 फ्लीट की गहन सुरक्षा जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही एअर इंडिया ने अपनी बोइंग 777 विमानों की भी विशेष जांच शुरू की।
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हादसे के कारण को लेकर विमान में लगाए जाने वाले पहले ब्लैक बॉक्स की बरामदगी 13 जून को संभवत: एफडीआर एक इमारत की छत से हुई। इसके बाद 16 जून को दूसरा ब्लैक बॉक्स संभवत सीवीआर मलबे में से मिला। इसके बाद दोनों ब्लैक बॉक्सों को 24 जून को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के विमान से सुरक्षा के साथ दिल्ली लाया गया।
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पहला बॉक्स दोपहर दो बजे एएआईबी लैब दिल्ली पहुंचा। वहीं दूसरा बॉक्स शाल के लगभग पांच बजकर 15 मिनट पर पहुंचा। 24 जून से ब्लैक बॉक्स का डेटा एक्सट्रैक्शन शुरू हुआ। इसके बाद 25 जून को पहले ब्लैक बॉक्स से क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल (सीपीएम) सुरक्षित निकाला गया और उसका मेमोरी मॉड्यूल सफलतापूर्वक पढ़ा गया।
हादसे के एक महीने के बाद एएआईबी ने 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया कि टेकऑफ के कुछ ही सेकंड के बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच बंद हो गया। ये स्विच एक-दूसरे के बीच सिर्फ एक सेकंड के अंतर में बंद हुए। इतना ही नहीं रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि जब इंजन बंद हुआ तो उस वक्त एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि तुमने स्विच बंद क्यों किया? दूसरा पायलट कहता है कि मैंने बंद नहीं किया।
दूसरा इंजन नहीं हो सका शुरू
रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि विमान के इंजन बंद होते ही विमान की आपात स्थिति में बिजली देने वाला सिस्टम राम एयर टरबाइन (आरएटी) चालू हुआ, लेकिन विमान की ऊंचाई तेजी से गिरने लगी। दोनों इंजनों को दोबारा चालू करने की कोशिश की गई, जिसके बाद पहले इंजन में थोड़ी बहुत ताकत लौटी, लेकिन दूसरा इंजन दोबारा शुरू नहीं हो सका।
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जांच रिपोर्ट पर एअर इंडिया ने क्या कहा?
जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद एअर इंडिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एअर इंडिया ने कहा कि वह इस दुखद घटना से गहरे शोक में है और पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव सहायता दे रही है। कंपनी ने कहा कि जांच जारी होने के कारण वह रिपोर्ट के निष्कर्षों पर टिप्पणी नहीं करेगी।