UP Elections 2022: जेपी नड्डा ने युवा शिक्षाविदों और उद्यमियों के साथ की बात, यूपी फतह की बनाई रणनीति
नड्डा ने ट्विटर लिखा, 'सामाजिक संवाद' कार्यक्रम के तहत समाज के विभिन्न वर्गों के युवा शिक्षाविदों, उद्यमियों और पेशेवरों को संबोधित किया और आकांक्षी वर्गों के मुद्दों पर चर्चा की। ये युवा उत्तर प्रदेश के हर नुक्कड़ पर पहुंचेंगे और विकास में योगदान देंगे।
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में कार्यक्रम में हिस्सा लिया। 'सामाजिक संवाद' नाम इस कार्यक्रम में नड्डा ने समाज के विभिन्न वर्गों के युवा शिक्षाविदों, पेशेवरों को संबोधित किया। भाजपा मुख्यालय में कारब चार घंटे तक यह बातचीत चली। इस दौरान नड्डा के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष, सिटी रवि और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद थे।
नड्डा ने ट्विटर लिखा, 'सामाजिक संवाद' कार्यक्रम के तहत समाज के विभिन्न वर्गों के युवा शिक्षाविदों, उद्यमियों और पेशेवरों को संबोधित किया और आकांक्षी वर्गों के मुद्दों पर चर्चा की। ये युवा उत्तर प्रदेश के हर नुक्कड़ पर पहुंचेंगे और विकास में योगदान देंगे।
Addressed young academicians, entrepreneurs, and professionals from various sections of the society as a part of "Samajik Samvad" and discussed issues of aspirational sections. These youngsters will reach every nook & corner of Uttar Pradesh & contribute to its development. pic.twitter.com/AspamyAxSw
विज्ञापन विज्ञापन— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) November 27, 2021
सूत्रों के मुताबिक, सामाजिक संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के आगे के घटनाक्रम को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से यूपी सरकार के पिछले पांच साल के काम का फीडबैक लिया गया। सामाजिक संवाद में आए शिक्षाविद् गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विकास पवार ने कहा कि इस सत्र में समाज के हर वर्ग को मजबूत करने की बात हुई, फिर चाहे वह आर्थिक दृष्टि से हो या शिक्षा की दृष्टि से। हमें कमजोर वर्ग को ऊपर उठाने के लिए मिलकर काम करना होगा। प्रोफेसर पवार ने समाज में शिक्षकों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक प्रशिक्षण सत्र है और चुनाव के बाद भी भाजपा इस तरह के सत्र करती रहेगी।
उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 403 सीटों वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में से 312 सीटें हासिल की थीं, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने 47 सीटें हासिल की थीं। बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) ने 19 सीटें जीती थीं और कांग्रेस को केवल सात सीटें मिलीं थीं। बाकी सीटों पर अन्य उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया था। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी राज्य में 1989 से यानी 30 से अधिक वर्षों से सत्ता से बाहर है। जून 1988 से दिसंबर 1989 तक कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तर प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी थे।