पांच दिन की सीबीआई हिरासत में अगस्ता वेस्टलैंड केस का दलाल, कांग्रेस नेता का करीबी है मिशेल का वकील
अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में सीबीआई ने कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स से बुधवार को पूछताछ की। पूछताछ के बाद सीबीआई ने कोर्ट से मिशेल की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की। जिसके बाद कोर्ट ने मिशेल को 5 दिन की सीबीआई न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बता दें कि सीबीआई की तरफ से वकील डीपी सिंह और बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल की तरफ से वकील अल्जो के. जोसफ अदालत में पेश हुए थे। बताया जा रहा है कि मिशेल के वकील कांग्रेस पार्टी के करीबी हैं। वो भारतीय युवा कांग्रेस के कानूनी विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी हैं।
हालांकि उन्होंने इस मामले में कांग्रेस को घसीटे जाने पर अपनी ओर से सफाई पेश की है। उनका कहना है, 'मैं पेशे से वकील हूं। कांग्रेस के साथ मेरा रिश्ता अलग है और मेरा पेशा अलग है। अगर मुझे किसी ने किसी क्लायंट के लिए पेश होने को कहा, तो मैं हो गया। मैंने केवल अपनी ड्यूटी निभाई है। इसका कांग्रेस से कुछ लेना-देना नहीं है।'
बता दें कि पूछताछ के दौरान सीबीआई ने मिशेल से पांच गंभीर सवाल पूछे। बता दें कि मिशेल को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित करके मंगलवार देर रात भारत लाया गया था। एयरपोर्ट से सीधे उसे सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ हुई।
सीबीआई ने मिशेल से जो सवाल पूछे, वो ये हैं...
1. 'एपी' और 'एफएएम' कौन हैं और इन्हें रिश्वत के तौर पर कितनी रकम दी गई?
2. क्या ठेके की प्रक्रिया पर आपकी नजर थी?
3. वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से आपके क्या संबंध थे?
4. क्या आपने वायुसेना के अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए अगस्ता के विनिर्देशों में बदलाव किए?
5. क्या 5 फर्जी अकाउंट के जरिए आपको रिश्वत दी गई?
वहीं, इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले में कांग्रेस का स्टैंड क्लियर है। उन्होंने कहा कि हम इस बारे में प्रेस कांफ्रेंस करके सब बता चुके हैं, लेकिन पीएम मोदी को भी राफेल मामले में सबको बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को देश से बताना चाहिए कि उन्होंने 30 हजार करोड़ रुपये अनिल अंबानी को क्यों दिए। साथ ही राहुल ने कहा कि किसानों को देनदारी समझा जाता है जबकि उन्हें संपत्ति माना जाना चाहिए और सम्मान किया जाना चाहिए। इस दौरान वह हैदराबाद में बोल रहे थे।
उधर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मिशेल को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कहा कि विपक्ष मिशेल को बचाना चाहता है।
Lawyer of #ChristianMichel, Aljo K Joseph: My relation with Congress is separate, my profession is separate. One of my friends, who was having some Dubai connections, through him the lawyer in Italy had requested it. So I was just helping in appearing&assisting him in this matter https://t.co/SSLOhQqQxF
— ANI (@ANI) December 5, 2018
दरअसल, मिशेल के प्रत्यर्पण का रास्ता पिछले महीने तभी साफ हो गया था, जब दुबई की एक अपीलीय अदालत ने प्रत्यर्पण को मंजूरी देने वाले निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था। खास बात यह है कि प्रत्यर्पण की कार्रवाई मंगलवार को उस समय हुई, जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जाएद के बीच अबू धाबी में दोनों देशों के बीच सहयोग और पुख्ता करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता चल रही थी।
ये है पूरा मामला
बता दें कि कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए शासन के दौरान 8 फरवरी 2010 को तय हुए इस सौदे में 54 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक मिशेल की भूमिका तीन बिचौलियों में से एक की थी। सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में दो अन्य लोगों गाइडो हासेक और कार्लो गेरोसा को भी बिचौलिये के तौर पर आरोपी बनाया है। भारत ने सीबीआई व ईडी की तरफ से दर्ज मुकदमे के आधार पर 2017 में अधिकृत तौर पर उसके प्रत्यर्पण के लिए यूएई से आग्रह किया था, जहां वह घोटाले के बाद से रह रहा था। इसके बाद मिशेल को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही थी।
मिशेल को मिले थे 225 करोड़ रुपये
ईडी की तरफ से जून 2016 में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक, मिशेल पर अगस्ता-वेस्टलैंड कंपनी से करीब 30 मिलियन यूरो यानी 225 करोड़ रुपये लेने का आरोप है। यह पैसा कंपनी की तरफ से 12 हेलीकॉप्टरों के खरीद सौदे को अपने पक्ष में कराने के लिए दिया गया था।
ईडी की जांच में पाया गया कि अगस्ता-वेस्टलैंड से भ्रष्टाचार के लिए मिले पैसे को मिशेल ने अपनी दुबई स्थित कंपनी ग्लोबल सर्विसेज से दिल्ली में दो भारतीयों के साथ मिलकर बनाई मीडिया कंपनी को भेज दिया था, जिसे इस मामले में आगे गड़बड़ी के लिए उपयोग किया गया। ईडी और सीबीआई ने अदालत की तरफ से उसका गैर जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराया था।
#WATCH New Delhi: Alleged middleman in #AgustaWestland deal #ChristianMichel brought to India after being extradited from UAE, late night yesterday pic.twitter.com/sgaNIhUQ58
— ANI (@ANI) December 5, 2018