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Agriculture:इस अभियान को लेकर 15 दिनों में 20 राज्यों में जाएंगे कृषि मंत्री चौहान,किसानों को होंगे ये फायदे
Wed, 28 May 2025 05:40 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 28 May 2025 05:40 PM IST
सार
मंत्री शिवराज सिंह 29 मई को ओडिशा के बाद 12 जून तक के अभियान के दौरान जम्मू, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, असम, मेघालय, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में किसानों और वैज्ञानिक टीमों के साथ संवाद में शामिल होंगे।
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शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर शुरू होने वाले वाले राष्ट्रव्यापी विकसित कृषि संकल्प अभियान की तैयारियां पूरी हो गई हैं। इसकी शुरुआत 29 मई को ओडिशा के पुरी से होगी। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह भी शामिल होंगे। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में कृषि मंत्री 20 राज्यों में प्रवास करेंगे। इसमें वे किसानों और वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन करने के साथ ही उनसे सीधा संवाद करेंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का कहना है कि यह अभियान, विकसित कृषि के साथ-साथ प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मंत्री शिवराज सिंह 29 मई को ओडिशा के बाद 12 जून तक के अभियान के दौरान जम्मू, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, असम, मेघालय, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में किसानों और वैज्ञानिक टीमों के साथ संवाद में शामिल होंगे।
इस अभियान का उद्देश्यों में क्षेत्र विशेष के लिए खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों से संबंधित आधुनिक तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक करना, किसानों के लिए उपयोगी सरकारी योजनाओं-नीतियों के बारे में जागरूक करना, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में सुझाई गई विभिन्न फसलों के चयन और संतुलित खादों के प्रयोग के लिए जागरूक और शिक्षित करना और किसानों से फीडबैक प्राप्त करना ताकि उनके द्वारा किए गए नवाचार के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त कर अनुसंधान की दिशा का निर्धारण किया जा सके, शामिल है।
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दरअसल, विकसित कृषि संकल्प अभियान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों के सहयोग से 29 मई से 12 जून तक 700 से अधिक जिलों में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वैज्ञानिकों की टीम गांवों में जाकर किसानों से संवाद करेगी। देशभर के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), आईसीएआर के सभी 113 संस्थानों, राज्य स्तरीय विभागों और कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही प्रगतिशील किसान और कृषि से जुड़े अन्य लोग शामिल होंगे। इस अभियान का लक्ष्य अलग-अलग राज्यों में लगभग डेढ़ करोड़ किसानों तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचना व सीधे संवाद करना है, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लैब टू लैंड के विजन को धरातल पर उतारना है।
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मंत्री शिवराज सिंह 29 मई को ओडिशा के बाद 12 जून तक के अभियान के दौरान जम्मू, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, असम, मेघालय, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में किसानों और वैज्ञानिक टीमों के साथ संवाद में शामिल होंगे।
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इस अभियान का उद्देश्यों में क्षेत्र विशेष के लिए खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों से संबंधित आधुनिक तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक करना, किसानों के लिए उपयोगी सरकारी योजनाओं-नीतियों के बारे में जागरूक करना, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में सुझाई गई विभिन्न फसलों के चयन और संतुलित खादों के प्रयोग के लिए जागरूक और शिक्षित करना और किसानों से फीडबैक प्राप्त करना ताकि उनके द्वारा किए गए नवाचार के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त कर अनुसंधान की दिशा का निर्धारण किया जा सके, शामिल है।
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दरअसल, विकसित कृषि संकल्प अभियान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों के सहयोग से 29 मई से 12 जून तक 700 से अधिक जिलों में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वैज्ञानिकों की टीम गांवों में जाकर किसानों से संवाद करेगी। देशभर के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), आईसीएआर के सभी 113 संस्थानों, राज्य स्तरीय विभागों और कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही प्रगतिशील किसान और कृषि से जुड़े अन्य लोग शामिल होंगे। इस अभियान का लक्ष्य अलग-अलग राज्यों में लगभग डेढ़ करोड़ किसानों तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचना व सीधे संवाद करना है, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लैब टू लैंड के विजन को धरातल पर उतारना है।