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Agriculture: एक्शन मोड में मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पहले दिन दलहन-तिलहन पर फोकस; बजट में आ सकती है नई योजना
Fri, 14 Jun 2024 05:54 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 14 Jun 2024 05:54 PM IST
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एक्शन मोड में मंत्री शिवराज, 100 दिन का बनाया प्लान
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अमर उजाला
विस्तार
कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम मीटिंग की है। इस बैठक में कृषि मंत्री शिवराज ने 100 दिनों की कृषि कार्य-योजना के संबंध में प्लान तैयार किया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई वाले कृषि मंत्रालय का लक्ष्य 2027-28 तक दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। इसके साथ ही खाद्य तेल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू करना है। ये दो ऐसी चीजें हैं जिनका भारत अभी भी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आयात करता है।100 दिन के प्रस्तावों पर की समीक्षा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोनों कृषि राज्य मंत्रियों रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी के साथ बुधवार को प्रमुख अधिकारियों की एक बैठक की। इसमें अगले 100 दिनों के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। मंत्रालयों के अफसरों ने कई योजनाओं की स्थिति, आगामी खरीफ या गर्मियों में बोई जाने वाली फसल की तैयारियों, उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही, दालों और तिलहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयार योजनाओं की जानकारी भी साझा की। शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने 'संकल्प पत्र' में कृषि क्षेत्र से संबंधित सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए समय पर एक रोडमैप तैयार करने को कहा है।
बजट में बड़ी घोषणा कर सकती है सरकार
अफसरों का कहना है कि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का मुख्य लक्ष्य दालों का उत्पादन बढ़ाना, रकबा और पैदावार दोनों बढ़ाना है। ताकि अगले तीन से चार सालों में देश आत्मनिर्भर बन जाए। दालों का उत्पादन बढ़ाने की योजना उन्हीं रणनीतियों पर निर्भर करेगी, जो तिलहन के लिए अपनाई गई हैं। ऐसी उम्मीद है कि सरकार जुलाई के बजट में राष्ट्रीय तिलहन मिशन की भी घोषणा कर सकती है। यह मिशन सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने पर केंद्रित होगा।
दरअसल, भारत सालाना अपनी दालों की मांग का 15 फीसदी तक आयात करता है। देश ने 2023-24 में आयात पर लगभग चार बिलियन डॉलर खर्च किए। साल 2014 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद, आयात पर निर्भरता से बचने के लिए दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि और व्यापार नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया था। अब 2024 में शिवराज इसी पर अपना फोकस कर रहे हैं।
'कृषि उत्पादन व उत्पादकता बढ़ना चाहिए'
इस अहम बैठक में कृषि मंत्री शिवराज ने कहा कि किसान भाइयों-बहनों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज आदि खाद्यानों की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाना चाहिए और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। इस संबंध में उन्हें कहीं कोई परेशानी नहीं आना चाहिए। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में कृषि उत्पादन व उत्पादकता बढ़ना चाहिए, इसके साथ ही हम अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के अलावा दुनिया के अन्य देशों को भी जरूरत अनुसार गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद निर्यात कर सकें, ऐसी ठोस कार्य योजना पर अमल करना चाहिए।