फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Agriculture bill 2020, Farmers can make Parali a weapon, They will take big decision on agricultural bill 2020 in Delhi on October 27

पराली को 'हथियार' बना सकते हैं किसान, 27 अक्तूबर को दिल्ली में कृषि कानूनों पर लेंगे बड़ा निर्णय

Sun, 18 Oct 2020 06:45 PM IST
संजीव कुमार झा अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 18 Oct 2020 06:45 PM IST
सार

  • पूरे देश के किसान संगठनों के प्रतिनिधि 27 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक कर नए कृषि कानूनों पर लेंगे अंतिम फैसला, सरकार के विरोध की तैयारी
  • खुले बाजार में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर मानने को तैयार नहीं होने के संकेत, एपीएमसी को खत्म न करने के लिखित करार की मांग कर सकते हैं किसान

विज्ञापन
Agriculture bill 2020, Farmers can make Parali a weapon, They will take big decision on agricultural bill 2020 in Delhi on October 27
पराली जलाते किसान(फाइल फोटो)

विस्तार

नए कृषि कानूनों से नाराज किसान सरकार को अपनी बात सुनाने के लिए पराली को 'हथियार' बना सकते हैं। पराली जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद कुछ किसान पराली जलाना जारी रख सकते हैं। पूरे देश के किसान संगठनों के प्रतिनिधि 27 अक्तूबर को राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर नए कृषि कानूनों पर विरोध की अंतिम रूपरेखा तय करेंगे। किसानों ने खुले बाजार में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकार देने और एपीएमसी मंडियों को कभी खत्म न करने के लिखित करार देने से कम पर सहमत न होने के संकेत दिए हैं।

विज्ञापन

ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति के सदस्य जगमोहन सिंह ने अमर उजाला को बताया 20 अक्तूबर को चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा के किसानों की एक बैठक कर विरोध की मुख्य रूपरेखा तैयार की जाएगी। विरोध की अंतिम रणनीति दिल्ली में 27 अक्तूबर को तय की जाएगी। तब तक एक विशेष कंपनी के टॉवरों को पंजाब में नहीं चलने दिया जाएगा।

विज्ञापन

इसके पहले किसानों ने भाजपा के 20 नेताओं के घरों पर जाकर किसान बिल के विरोध में धऱना-प्रदर्शन करने की रणनीति अपनाई है। कृषि बिल पर किसानों को 'समझाने' के भाजपा के कार्यक्रम को भी किसानों ने जबरदस्त विरोध कर खराब कर दिया है। यह विरोध और आगे बढ़ने के आसार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


पराली जलाने पर किसान के साथ
जगमोहन सिंह ने बताया कि पराली हमारी बड़ी समस्या है, लेकिन वे इसके सामूहिक जलाने के किसी कार्यक्रम का विरोध करते हैं। लेकिन अगर किसी कारण से कोई किसान अपने खेतों में पराली जलाता है और सरकार इसका विरोध करती है तो वे किसानों का पूरा-पूरा साथ देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रति क्विंटल 200 रूपये का भुगतान करना चाहिए।


क्यों है संदेह
दरअसल, किसानों को नए कृषि बिल पर सबसे बड़ा संदेह यह है कि सरकार खुले बाजार के माध्यम से एपीएमसी मंडियों और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था को खत्म कर सकती है। किसानों का कहना है कि सरकार को जिस कीमत को स्वयं नहीं चुकाना है, और जिसका मूल्य प्राइवेट सेक्टर को चुकाना है, उस खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागू करना अनिवार्य क्यों नहीं किया जा रहा है? किसान इसके प्रति सरकार से कानूनी अधिकार चाहते हैं जिससे बाद में उनके इन अधिकारों पर कोई चोट न पहुंचाई जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed