फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Agricultural Law: Agricultural reforms will have an impact, know what expert Dr Pramod Joshi says

कृषि कानून : कृषि सुधारों पर पड़ेगा असर, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद जोशी

Sat, 20 Nov 2021 06:31 AM IST
योगेश साहू मनीष मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली।
मनीष मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 20 Nov 2021 06:31 AM IST
सार

किसान न्यूनतम की बात क्यों करते हैं, अधिकतम की बात क्यों नहीं करते? फलों, सब्जियों व अन्य चीजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं होने के बाद भी किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। ज्यादातर किसान इस ओर मुड़ रहे हैं।

विज्ञापन
Agricultural Law: Agricultural reforms will have an impact, know what expert Dr Pramod Joshi says
पराली जलाता किसान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

विस्तार

कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के सदस्य एवं कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद जोशी मानते हैं कि इससे कृषि सुधारों पर असर पड़ेगा। क्योंकि कृषि में निवेश की काफी जरूरत है। कृषि कानूनों के विरोध के बाद किसानों से बातचीत के लिए सुप्रीम कोर्ट की गठित कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी थी। जिस पर कोर्ट को फैसला लेना है। पेश है कृषि विशेषज्ञ से मनीष मिश्र की बातचीत।

विज्ञापन


कृषि सुधारों पर कितना असर पड़ेगा?
देश में कृषि ढांचे, भूमि विकास, वेयर हाउस, कोल्ड चेन में बहुत निवेश की जरूरत है। कानूनों की वापसी के बाद इस पर असर पड़ेगा। पीएम ने कमेटी बनाकर खेती में सुधार की बात कही है, देखना होगा कि इसका कितना असर होता है? हमारा काम था रिपोर्ट देना अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा क्या करना है। वैसे जब कानून ही वापस हो गए तो रिपोर्ट का मतलब ही नहीं बचता है।
विज्ञापन


फैसला इतनी देरी से क्यों हुआ?
सरकार ने पहले सोचा था कि किसान मान जाएंगे, लेकिन अगर लेने वाला ही खुश नहीं तो सरकार क्या करे? आंदोलन लगता है कानून के लिए न होकर, राजनीति के लिए था।

एमएसपी गारंटी की मांग जोर पकड़ रही है इस पर आपका क्या कहना है?
किसान न्यूनतम की बात क्यों करते हैं, अधिकतम की बात क्यों नहीं करते? फलों, सब्जियों व अन्य चीजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं होने के बाद भी किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। ज्यादातर किसान इस ओर मुड़ रहे हैं। दुनिया में एग्री फूड सिस्टम बहुत तेजी से बदल रहा है। किसानों को सिर्फ 130 करोड़ लोगों की बात न करके, दुनिया के मार्केट के हिसाब से सोचना चाहिए। दुनिया में जैसी मांग है वैसे ही उत्पाद बनाने होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed