असम एनआरसी की अंतिम सूची गायब, गृह मंत्रालय का दावा, डाटा पूरी तरह सुरक्षित, जल्द होगा आनलाइन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि असम एनआरसी का डाटा पूरी तरह सुरक्षित है। गृह मंत्रालय ने कहा, कुछ तकनीकी मुद्दे सामने आए हैं जिन्हें जल्द हल कर लिया जाएगा। एनआरसी की अंतिम सूची का डाटा उसकी आधिकारिक वेबसाइट से ऑफलाइन होने की खबरों के बाद गृह मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण दिया है।
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, एनआरसी डाटा सुरक्षित है। डाटा कुछ दिनों से ऑनलाइन उपलब्ध नहीं था। इससे जनता, खासतौर से उन लोगों में भय व्याप्त हो गया जिन्हें सूची से बाहर रखा गया है, क्योंकि उन्हें सूची से बाहर किए जाने का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है।
एनआरसी के राज्य संयोजक हितेश देव शर्मा ने डाटा ऑफलाइन होने के पीछे किसी तरह की दुर्भावना के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि डाटा के लिए क्लाउड सेवा आईटी कंपनी विप्रो ने मुहैया कराई थी।
उनका अनुबंध पिछले साल 19 अक्तूबर तक का था। पूर्व संयोजक ने इस अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया। इसलिए विप्रो द्वारा सेवा निलंबित किए जाने के कारण 15 दिसंबर से डाटा ऑफलाइन हो गया था।
दो तीन दिनों में ऑनलाइन होगा डाटा
शर्मा के मुताबिक राज्य संयोजक समिति ने 30 जनवरी को बैठक में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का फैसला लेने के बाद फरवरी के पहले हफ्ते में विप्रो को इस बाबत पत्र लिखा है। एक बार जब विप्रो डाटा को ऑनलाइन कर देगी तो यह जनता के लिए उपलब्ध होगा।
उम्मीद है कि लोगों को अगले दो-तीन दिनों में डाटा उपलब्ध हो जाएगा। 31 अगस्त 2019 को प्रकाशित एनआरसी का पूरा डाटा उसकी आधिकारिक वेबसाइट http://www.nrcassam.nic.in पर अपलोड किया गया है।