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कांग्रेस-भाजपा में मची अपनी कमीज सफेद बताने की होड़

Thu, 08 Mar 2018 02:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 08 Mar 2018 02:09 PM IST
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after three times adjourned rajya sabha again adjurned for one day, same situation in lok sabha

राज्यसभा और लोकसभा में छह मार्च, मंगलवार को भी विधायी कामकाज नहीं हो पाए। नीरव मोदी, मेहुल चोकसी समेत अन्य मुद्दों पर राज्यसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन भर के लिए स्थगित हो गई। यही स्थिति लोकसभा में भी रही। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद को चलने नहीं देना चाहता। यही आश्वासन संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने राज्यसभा में भी दिया, जबकि विपक्ष का आरोप है कि सरकार मुद्दे को भटका रही है। वह घोटाले पर चर्चा कराने के लिए ईमानदार नहीं है।

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हंगामे की ये है वजह

हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ज्वेलर्स के प्रमोटर मेहुल चोकसी समेत अन्य पर पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों के साथ 12,600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। कांग्रेस के नेता इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा कर रहे हैं। कांग्रेस के राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद का कहना है कि यह घोटाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जानकारी में और उनके संरक्षण में हुआ है। सरकार ने धोखाधड़ी करने वालों को जानबूझकर विदेश भाग जाने दिया। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष को स्थगन प्रस्ताव लाते हुए सदन में चर्चा कराने का नोटिस दिया था, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडगे का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष पर सरकार का दबाव है। इस दबाव के चलते उन्होंने विपक्ष के नोटिस की भाषा को बदल दिया है और सरकार बैंकिंग क्षेत्र की अनियमितता के मुद्दे पर चर्चा कराना चाहती है। कांग्रेस की सांसद रंजीता रंजन ने भी यही आरोप लगाया।
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केंद्र सरकार है जवाबदेह

कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार कान में तेल डालकर सोती रही और नीरव मोदी समेत अन्य देश का धन लूटकर विदेश भागने में कामयाब हो गए, इसलिए इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार जवाबदेह है। विपक्ष के आरोप के जवाब में केंद्र सरकार के नेताओं का कहना है कि इस घोटाले के लिए कांग्रेस के नेता जिम्मेदार हैं। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पार्टी कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को निशाने पर लिया। रविशंकर प्रसाद के अनुसार मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि को यूपीए सरकार के समय में लाभ मिला था। केंद्र सरकार का कहना है कि यह बैंकिंग क्षेत्र की गड़बड़ी है और सरकार इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ कांग्रेस के शासन काल से दोषपूर्ण बैंकिग व्यवस्था में सुधार के कदम उठा रही है।

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देश को किया जा रहा गुमराह

after three times adjourned rajya sabha again adjurned for one day, same situation in lok sabha

मोदी सरकार कब लेगी जिम्मेदारी?

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के अनुसार मई में मोदी सरकार को सत्ता में आए चार साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन केंद्र सरकार आखिर कब अपने कारनामे की जिम्मेदारी लेगी? केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा देश की जनता को लगातार गुमराह कर रही है। केंद्र को काफी पहले से नीरव मोदी, मेहुल चोकसी की धोखाधड़ी की शिकायतें मिल रही थी, लेकिन वह जनता की आंखों में धूल झोंककर मुद्दे को भटका रही है। यहां तक कि अब इस मुद्दे पर सदन में चर्चा भी नहीं कराना चाहती।

ओडिशा में भी छाएगी बीजेपी

भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री के अनुसार पिछले कई साल से देश में एस्पिरेशनल पॉलटिक्स का समय चल रहा है। वह त्रिपुरा में भाजपा के सत्ता में लौटने को इसी रूप में देख रहे हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि त्रिपुरा की तर्ज पर ओडिशा में भाजपा सत्ता में वापसी करेगी। वह उदाहरण देते हैं कि एस्पिरेशनल पॉलिटिक्स के बल पर ही शीला दीक्षित दिल्ली की सत्ता में बार-बार आईं, क्योंकि उन्होंने लोगों में दिल्ली में कुछ नया करने का भरोसा दिया। प्रधान का मानना है कि पीएम इस क्रम में काफी अच्छे स्तर पर हैं। वह जनता की उम्मीदों को पूरा कर रहे हैं।

देश को किया जा रहा गुमराह

कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा जैसे कई वरिष्ठ नेता इससे इत्तेफाक रखते हैं। उनका कहना है कि देश में नरेटिव बदलने की राजनीति हो रही है। केंद्र सरकार बैंकिंग व्यवस्था पर दोष मढ़कर अपनी कमियां छिपा रही है और देश को गुमराह कर रही है। मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र की परंपरा को नजरअंदाज कर रही है। गुलाम नबी आजाद के मुताबिक यूपीए सरकार के समय में किसी भी नेता पर गंभीर आरोप लगे तो उसे पद से इस्तीफा देना पड़ा। कुछ मंत्री जेल तक गए, लेकिन मौजूदा सरकार न तो किसी घोटाले की निष्पक्ष जांच कराना चाहती है और न ही कार्रवाई। यहां तक कि सदन में चर्चा से भी भाग रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के कदाचार का मामला हो या राफेल लड़ाकू विमान सौदे में गड़बड़ी, ललित मोदी प्रकरण, विजय माल्या प्रकरण हो या फिर पंजाब नेशनल बैंक के साथ नीरव मोदी समेत अन्य की धोखाधड़ी का, पीएम मौन हो जाते हैं। विपक्ष के इस आरोप पर केंद्र सरकार के एक मंत्री का कहना है कि विपक्ष को पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। हमारी सरकार साफ-सुथरी है। 

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