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बुरहान की मौत के बाद कश्मीरी पंडितों के शिविरों पर हुए हमले, विरोध में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sun, 21 Aug 2016 08:01 AM IST
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फाइल फोटो
जम्मू-कश्मीर के विस्थापित पंडितों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बुरहान वानी की मौत के बाद उनके शिविरों पर पुलवामा समेत कई स्थानों पर हमले हुए, जिसके चलते उन्हें वहां से सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। इसके बाद भी सरकार कश्मीरी पंडितों की समस्याओं व उनकी हालत पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
कश्मीरी पंडितों का कहना है कि पिछले 27 साल से चार लाख कश्मीरी पंडित विस्थापित हैं। जिस तरह के हमले उन पर 1990 में हुए थे, वैसे ही हमले एक बार फिर 2016 में हुए हैं। बुरहान वानी की मौत के बाद हजारों लोगों ने पीएम पैकेज के तहत काम करने वाले विस्थापित कर्मचारियों के शिविरों पर हमला किया। शिविरों पर पथराव करते हुए हमलावरों ने कहा कि पंडितों के लिए कश्मीर में कोई जगह नहीं है।
पुलवामा के शिविर पर भारी हमला हुआ। इन हमलावरों ने पथराव के साथ-साथ एक नहर का पानी शिविर की ओर मोड़ दिया। इन हालात के चलते हजारों कश्मीरी पंडितों को वहां से एक बार फिर पलायन करना पड़ा। यह 1990 के बाद दूसरा बड़ा पलायन है।
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कश्मीरी पंडितों का कहना है कि पिछले 27 साल से चार लाख कश्मीरी पंडित विस्थापित हैं। जिस तरह के हमले उन पर 1990 में हुए थे, वैसे ही हमले एक बार फिर 2016 में हुए हैं। बुरहान वानी की मौत के बाद हजारों लोगों ने पीएम पैकेज के तहत काम करने वाले विस्थापित कर्मचारियों के शिविरों पर हमला किया। शिविरों पर पथराव करते हुए हमलावरों ने कहा कि पंडितों के लिए कश्मीर में कोई जगह नहीं है।
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पुलवामा के शिविर पर भारी हमला हुआ। इन हमलावरों ने पथराव के साथ-साथ एक नहर का पानी शिविर की ओर मोड़ दिया। इन हालात के चलते हजारों कश्मीरी पंडितों को वहां से एक बार फिर पलायन करना पड़ा। यह 1990 के बाद दूसरा बड़ा पलायन है।
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