{"_id":"5f3ebc260aeffc4bdd7ea11b","slug":"after-the-cognizance-of-niti-aayog-the-railways-gave-the-clarification-said-approx-30-thousand-deaths-occurred-in-three-years-due-to-encroachment-unpleasant-accidents","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल में अतिक्रमण और अप्रिय हादसों में हुईं करीब 30 हजार मौतें: भारतीय रेलवे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तीन साल में अतिक्रमण और अप्रिय हादसों में हुईं करीब 30 हजार मौतें: भारतीय रेलवे
Thu, 20 Aug 2020 11:38 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 20 Aug 2020 11:38 PM IST
विज्ञापन
indian railway
भारतीय रेल की तरफ से बृहस्पतिवार को कहा गया कि पिछले तीन साल में यहां अतिक्रमण और अप्रिय हादसों में 29-30 हजार लोगों की मौत हुई है। रेलवे के पिछले वित्त वर्ष में शून्य मौत के दावे पर नीति आयोग द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद रेल मंत्रालय की तरफ से बृहस्पतिवार को इसपर जानकारी दी गई।
विज्ञापन
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत द्वारा रेलवे के दावों को संज्ञान में लेने और आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव की तरफ से यह स्पष्टीकरण आया। कांत ने कहा था कि मुंबई उपनगरीय खंड पर ही प्रतिवर्ष हजारों मौत होती है।
विज्ञापन
नीति आयोग के सीईओ ने एक पत्र में यादव को कहा, 'मैं आपका ध्यान इस तथ्य की तरफ आकृष्ट करना चाहूंगा कि इन मौतों में से बहुत सी ट्रेन से या प्लेटफॉर्म से पटरी पर गिरने से होती हैं। इसलिए उन्हें राष्ट्रीय रेल संरक्षण कोष के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। आदर्श रूप से उन्हें आधिकारिक रूप से दर्ज करना चाहिए।'
विज्ञापन
यादव ने बृहस्पतिपार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि रेलवे सभी मौतों का हिसाब रखता है जो उसके परिसर में होती हैं। इन्हें तीन अलग शीर्षकों- परिणामी दुर्घटनाएं, अतिक्रमण और अप्रिय घटनाओं में दर्ज किया जाता है। उन्होंने कहा, 'यह सच है कि 2019-20 में परिणामी दुर्घटनाएं वास्तव में शून्य रहीं और इस साल भी।'
रेलवे में होने वाले एक्सीडेंट्स की वजह से 2010-11 में 235 मौतें, 2011-12 में 100, 2014-15 में 118, 2016-17 में 195 मौतें हुई थीं। सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की वजह से 2019-20 में घटकर ज़ीरो हुई हैं : रेलवे बोर्ड चेयरमैन विनोद कुमार यादव https://t.co/qqw8dGUFPL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 20, 2020
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने आगे कहा, 'बीते तीन वर्षों में 29 से 30 हजार लोगों की मौत या तो अतिक्रमण या अप्रिय घटनाओं के कारण हुई।' उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा हम नीति आयोग को देंगे।’