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करीमगंज के अधिकारियों की कार्रवाई के बाद असम-मिजोरम के बीच फिर उभरा सीमा विवाद
Sun, 11 Oct 2020 05:11 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल/करीमगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल/करीमगंज
Published by: Rajeev Rai
Updated Sun, 11 Oct 2020 05:11 AM IST
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असम पुलिस लोगो
- फोटो : सोशल मीडिया
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असम और मिजोरम के बीच एक बार फिर से सीमा विवाद तूल पकड़ने लगा है। दोनों प्रदेश द्वारा अपनी-अपनी जमीन का दावा करने वाले इलाके में असम के करीमगंज जिले के अधिकारियों ने एक झोपड़ी और बागान को नष्ट कर दिया।
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मिजोरम सरकार ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को करीमगंज का प्रशासन, पुलिस और वन अधिकारी मिजोरम के ममित जिले के थिंघलुन गांव में घुस आए और फार्म हाउस को आग लगा दी। इसके साथ ही उन्होंने 1,000 सुपारी के पेड़ों को भी नष्ट कर दिया। वहीं करीमगंज के एसपी रंजन नाथ ने कहा कि असम के अधिकारियों ने उनके छोटो बुबीर बांध क्षेत्र में मिजोरम के कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण कर बनाए गए अस्थायी निर्माण और कुछ खेती को नष्ट किया ना कि सुपारी के बागान को। इस घटना से मिजोरम के लोगों में आक्रोश है।
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मिजोरम के डीजीपी एसबीके सिंह ने असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत से इस बारे में बात की। इसके साथ ही मिजोरम सरकार केंद्रीय गृहमंत्रालय और असम प्रशासन को इस संदर्भ में पत्र लिखेगी। उन्होंने बताया कि ममित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया और शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
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उधर मिजोरम के सबसे बडे़ विद्यार्थी संगठन मिजो जिरली पॉवल (एमजेडपी) के अध्यक्ष बी वनलालताना ने शनिवार को आपातकालीन बैठक कर दोबारा से फार्म हाउस निर्माण करने का फैसला लिया है। यह घटना मिजोरम के लोगों के लिए शर्मनाक है। मालूम हो कि दोनों ही राज्यों के बीच 1995 से सीमा विवाद सुलझाने को लेकर कई दौर की बैठक असफल रही।