फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   after retirement assam dgp mukesh sahay went back to school and became a mathematics teacher

इस पुलिस महानिदेशक ने किया स्कूल का रुख- बदला अपना करियर और बन बैठा टीचर

Mon, 28 May 2018 07:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Updated Mon, 28 May 2018 07:47 PM IST
विज्ञापन
after retirement assam dgp mukesh sahay went back to school and became a mathematics teacher
dgp-mukesh
बदलाव की कहानी सिर्फ क्रांति करके नहीं बल्कि एक एक कदम चल कर भी लिखी जा सकती है। ऐसी ही एक बदलाव की कहानी लिखी है असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने। वह पुलिस महकमें में 34 साल काम करने के बाद एक बार फिर से स्कूल का रुख कर लिया है। अब वहां वह पढ़ने नहीं बल्कि पढाने जाते हैं। वह भी मैथमैटिक्स।  मुकेश पुलिस विभाग से भले ही इस वर्ष 30 अप्रैल को रिटायर हुए हैं लेकिन रिटायरमेंट के बाद वह क्या करेंगे वह उन्होंने 2016 में ही सोच लिया था जब वह एक स्कूल में चीफ गेस्ट बन कर गए थे और वहां के प्रधानाध्यापक ने बातचीत के दौरान उन्हें बताया था कि उनके स्कूल में अच्छे गणित के शिक्षक नहीं है।  
विज्ञापन


 पूरे देश में अच्छे शिक्षकों की कमी है। सरकार शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कई प्रयास कर रही है लेकिन अच्छे शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। असम के डीजीपी रहते हुए  वह हमेशा से कुछ अलग करना चाहते थे और जैसे ही उन्हें स्कूल में शिक्षक कम होने की बात पता चली उन्होंने सोच लिया कि रिटायरमेंट के बाद क्या करना है। फिलहाल वह सोनाराम हाइएर सेंकेंडरी स्कूल में मैथ्स पढ़ा रहे हैं। 
विज्ञापन


यह स्कूल 1894 में बनाया गया था और इसके पूर्व प्रधानाध्यापक असम के मुख्यमंत्री लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई और साहित्य के जाना माना चेहरा हेमचंद्र गोस्वामी भी रह चुके हैं। असम के जानेमाने स्कूलों में माना जाने वाला स्कूल पिछले कई सालों से मैथ्स के टीचर की कमी से जूझ रहा था। स्कूल के प्रिंसिपल द्विजिंद्र नाथ ने बताया कि 2016 से मैथ्स टीचर के लिए स्ट्रगल कर रहा था। मैं रसायन का शिक्षक हूं लेकिन मैं बीच बीच में गणित भी पढ़ाता था। और किसी तरह हमने दो साल निकाले। 
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि जैसे ही सहाय को पता चला कि हम गणित की टीचर की समस्या से जूझ रहे हैं तो उन्होंने झट से हां कर दी। और कहा कि हम उन्हें पाठ्यपुस्तक भेजें। 


स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि 30 अप्रैल को रिटायर हुए, 1 मई को उन्हें फोन किया और 7 मई से स्कूल आने लगे। सहाय ने कहा कि मैंने कभी किसी बच्चे को नहीं पढ़ाया लेकिन मैं प्रमाणित पुलिस प्रशिक्षक जरूर रहा हूं। सहाय बिहार के गरीब परिवार में पैदा हुए, उन्होंने बताया कि मैं अपनी जवानी के दिनों में अपने पॉकेट मनी के लिए ट्यूशन जरूर पढाता था। फिलहाल सहाय स्कूल में छात्रों को हर दिन कैलकुलस पढ़ा रहे हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed