BJP: राजस्थान में उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में भाजपा, गहलोत-पायलट को हराने के लिए बनाया खास प्लान
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मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के बाद अब भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में भी कांग्रेस से पहले उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में पार्टी 200 में से करीब 75 से 100 सीटों के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि 27 अगस्त को दिल्ली में बीजेपी राष्ट्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी। इसमें मंजूरी मिलते ही सूची जारी होगी। इन सीटों पर घोषणा दो से तीन चरणों में होगी।
भाजपा सूत्रों का दावा है कि, पार्टी 75 से 100 सीटों पर जल्द उम्मीदवार घोषित कर सकती है। इनमें प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरदारपुरा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की टोंक सहित कई मंत्रियों की सीटें हैं, जो भाजपा के लिए बड़ी चुनौती हैं। जिस पर पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। जिन सीटों पर पार्टी प्रत्याशी घोषित करेगी इनमें से बहुत सी सीटों पर प्रदेश नेतृत्व पहले सर्वे के साथ साथ फीडबैक रिपोर्ट तैयार कर चुका है। इस सूची में हारी हुई सीटों के साथ साथ कुछ ऐसी भी सीटें होगी जहां पार्टी लगातार जीत हासिल करती है। इस बार पार्टी दो बार हारने वाले और उम्रदराज नेताओं के लिए टिकट नहीं भी देने पर विचार कर रही है।
- प्रदेश में 20 सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस सरकार के कुछ मजबूत मंत्री-विधायक हैं या निर्दलीय विधायकों की स्थिति ठीक है। भाजपा इन सीटों पर अपने उम्मीदवारों को तैयारी के लिए पूरा वक्त देना चाहती है। इसी वजह से इन सीटों पर पार्टी पहले टिकट घोषित कर सकती है।
- राज्य की 19 विधानसभा सीटें ऐसी है जहां भाजपा लगातार तीन बार चुनाव में हार रही है।
- राज्य में करीब 60-70 सीटें ऐसी भी हैं जहां भाजपा लगातार दो, तीन, चार बार से जीत रही है या फिर किसी न किसी कारण से अच्छी स्थिति में है। यहां टिकट जल्दी देने की वजह साफ है कि प्रत्याशी कोई भी हो पार्टी के नाम पर वोट आसानी से मिल जाएंगे। टिकट को लेकर उम्मीदवारों में ज्यादा विवाद भी नहीं होगा।
इन मापदंड पर मिलेगा दावेदारों को टिकट
सूत्रों का कहना है कि पहले दौर की सूची की घोषणा के बाद पार्टी आक्रामक तरीके से चुनाव मैदान में उतरेगी। इसके बाद बीच हुई सीटों पर क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार तय किए जाएंगे। इस बीच भाजपा कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ सितंबर के पहले सप्ताह में प्रदेश चार अलग अलग धार्मिक क्षेत्रों से यात्राएं निकालेगी। इसका समापन जयपुर में पीएम मोदी की रैली से होगीी। इसके बाद ही बाकी सीटों का एलान किया जा सकेगा। हर क्षेत्र ये निकलने वाली यात्राओं को केंद्रीय स्तर के बड़े नेता हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
भाजपा इस बार टिकट वितरण के मापदंड में संघ-पार्टी के फीडबैक के अलावा आंतरिक सर्वे रिपोर्ट को भी प्राथमिकता दे रही है। पार्टी के नए मापदंडों के अनुसार 70 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी उम्मीदवार को टिकट लेने में इस बार बहुत मशक्कत करनी पड़ेगी। हर सर्वे, हर रिपोर्ट और पिछले चुनावों में लगातार जीत मिलने जैसे आधार के बाद ही भाजपा विधायक का टिकट मिल सकेगा। भाजपा के पास अभी 10 से 12 मौजूदा विधायक ऐसे है जिनकी आयु 70 वर्ष से अधिक है। जबकि कुछ पदाधिकारी भी 70 से ज्यादा के है जो टिकट के दावेदार है।