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इंडोनेशिया विमान दुर्घटना: डीजीसीए ने जेट-स्पाइसजेट को दी चेतावनी, जारी की एडवाइजरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
Updated Thu, 08 Nov 2018 03:05 PM IST
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नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जेट एयरवेज और स्पाइसजेट को बोइंग 737 मैक्स विमानों में सेंसर संबंधित मुद्दों पर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिया है। विमान के 'महत्वपूर्ण ऊंचाई नुकसान' से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए डीजीसीए ने दोनो ही विमान कंपनियों को अपने बोइंग विमानों की जांच करने की हिदायत दी है।
पिछले महीने इंडोनेशिया में लायन एयरक्राफ्ट के प्लेन की दुर्घटना के बाद दुनिया भर में बोइंग के इन विमानों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। जिसे देखते हुए अमेरिका की प्रहरी संस्था फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने कुछ दिशा-निर्देश और सुरक्षात्माक सुझाव जारी किए थे। डीजीसीए भी इस एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए जेट और स्पाइसजेट को निर्देश जारी किए हैं।
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डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया की इस एडवाइजरी में ऊंचाई को लेकर साफ निर्देश हैं कि मानकों का हर हाल में पालन किया जाये ताकि उड़ान के चालकों को विपरीत परिस्थितियों में विमान को नियंत्रित करने में कठिनाई ना हो।
दरअसल विमान कितनी ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है ये उसकी क्षमता पर निर्भर करता है जो विमान बनाने वाली कंपनी जरूर निर्धारित करती है। इस मानक की जानकारी विमान का इस्तेमाल करने वाली कंपनी को मुहैया कराई जाती है लेकिन अगर इस मानक से विमान उड़ाने वाला पायलट अनभिज्ञ है तो ये खतरनाक साबित हो सकता है।
अगर ऊंचाई की क्षमता से ऊपर विमान उड़ान भरे तो वो अनिंत्रित होकर सीधे नीचे की ओर गिर सकता है, या गलत ऊंचाई पर आकर किसी और प्लेन से टकरा सकता है। लायन एयर क्राफ्ट क्रैश मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ था । इसलिए डीजीसीए ये सुनिश्चित कर रहा है कि सभी भारतीय विमानन कंपनियां ऊंचाई की सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें।
एडवाइजरी को लेकर जेट और स्पाइस जेट की ओर से कोई बयान नहीं आया है । लेकिन इससे पहले बोइंग कंपनी ने भी एक बुलेटिन जारी कर सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की थी। ऐसे में उम्मीद है कि बोइंग कंपनियों का इस्तेमाल करने वाली कंपनिया एहतियात बरत रही होंगी।
आप को बता दें कि डीजीसीए को नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने सभी विमान कंपनियों के विमानों की इंजन और सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश, ठीक लायन क्रैश के बाद ही दिए थे। इतना ही नहीं सुरेश प्रभु ने विमानों के साथ सभी एयरड्राम्स, उड़ान ट्रेनिंग स्कूल और खराब विमानों की मरम्मत करने वाली कंपनियों की सुरक्षा मानक के ऑडिट का आदेश दिया है।
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पिछले महीने इंडोनेशिया में लायन एयरक्राफ्ट के प्लेन की दुर्घटना के बाद दुनिया भर में बोइंग के इन विमानों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। जिसे देखते हुए अमेरिका की प्रहरी संस्था फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने कुछ दिशा-निर्देश और सुरक्षात्माक सुझाव जारी किए थे। डीजीसीए भी इस एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए जेट और स्पाइसजेट को निर्देश जारी किए हैं।
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आप को बता दें कि इस समय भारत में बोइंग 737 मैक्स विमान जेट एयरवेज और स्पाइसजेट एयरवेज के पास हैं। दोनो को मिलाकर इस वक्त कम से कम 6 बोइंग 737 मैक्स विमान यात्री सेवा में कार्यरत हैं जिनमें से दो मालवाहक विमान भी हैं।
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डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया की इस एडवाइजरी में ऊंचाई को लेकर साफ निर्देश हैं कि मानकों का हर हाल में पालन किया जाये ताकि उड़ान के चालकों को विपरीत परिस्थितियों में विमान को नियंत्रित करने में कठिनाई ना हो।
दरअसल विमान कितनी ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है ये उसकी क्षमता पर निर्भर करता है जो विमान बनाने वाली कंपनी जरूर निर्धारित करती है। इस मानक की जानकारी विमान का इस्तेमाल करने वाली कंपनी को मुहैया कराई जाती है लेकिन अगर इस मानक से विमान उड़ाने वाला पायलट अनभिज्ञ है तो ये खतरनाक साबित हो सकता है।
अगर ऊंचाई की क्षमता से ऊपर विमान उड़ान भरे तो वो अनिंत्रित होकर सीधे नीचे की ओर गिर सकता है, या गलत ऊंचाई पर आकर किसी और प्लेन से टकरा सकता है। लायन एयर क्राफ्ट क्रैश मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ था । इसलिए डीजीसीए ये सुनिश्चित कर रहा है कि सभी भारतीय विमानन कंपनियां ऊंचाई की सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें।
एडवाइजरी को लेकर जेट और स्पाइस जेट की ओर से कोई बयान नहीं आया है । लेकिन इससे पहले बोइंग कंपनी ने भी एक बुलेटिन जारी कर सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की थी। ऐसे में उम्मीद है कि बोइंग कंपनियों का इस्तेमाल करने वाली कंपनिया एहतियात बरत रही होंगी।
आप को बता दें कि डीजीसीए को नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने सभी विमान कंपनियों के विमानों की इंजन और सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश, ठीक लायन क्रैश के बाद ही दिए थे। इतना ही नहीं सुरेश प्रभु ने विमानों के साथ सभी एयरड्राम्स, उड़ान ट्रेनिंग स्कूल और खराब विमानों की मरम्मत करने वाली कंपनियों की सुरक्षा मानक के ऑडिट का आदेश दिया है।