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निर्भया कांड को बीते पांच साल, अभी भी सुरक्षित नहीं महिलाएं

Sat, 16 Dec 2017 05:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 16 Dec 2017 05:11 AM IST
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after five years of nirbhaya gang rape women still face crime against them

राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए गए, लेकिन पांच साल पूरे होने के बाद भी दिल्ली बिल्कुल नहीं बदली। आज भी महिलाओं के प्रति अपराधों में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है। ऐसे में दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। 

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स्वाति ने ऐसा कानून बनाने की मांग की है, जिसमें कम से कम छोटी बच्चियों से बलात्कार के मामलों में 6 माह के अंदर अपराधी को सजा-ए-मौत मिले।

आज निर्भया कांड की पांचवीं बरसी है। ऐसे में महिलाओं की पीड़ा को आयोग की अध्यक्ष ने बखान किया है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि  दिल्ली विश्व में रेप कैपिटल के नाम से बदनाम है। हाल ही में एनसीआरबी ने वर्ष 2016 के वार्षिक आंकड़े जारी किए हैं, जिसके अनुसार दिल्ली में बच्चों से दुष्कर्म के मामले बहुत बढ़ गए हैं। 
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दिल्ली में हर दिन औसतन 3 बच्चियों के साथ बलात्कार हो रहा है। हाल ही में एक डेढ़ साल की बच्ची के साथ बलात्कार, एक 7 साल की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और बाल दिवस पर एक 1.5 साल की बच्ची से सामूहिक बलात्कार की घिनौनी घटनाएं हुईं।
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पढ़ें: निर्भया गैंगरेप : दिल्ली महिला आयोग में भड़का गुस्सा, दोषियों को फांसी न देने पर तिहाड़ जेल को नोटिस


दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने लिखा है कि 2012 से लेकर 2014 तक महिलाओं के साथ 31,446 अपराध दर्ज किए गए और उनमें से केवल 150 मामलों में ही सजाएं हुईं हैं। अपराधियों को अपराध करने में डर नहीं लगता है।

स्वाति ने प्रधानमंत्री से गुजारिश की है कि फॉरेंसिक लैब की कार्यप्रणाली को बेहतर करने, फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या बढ़ाने की भी जरूरत है। दिल्ली में उच्चस्तरीय समिति का गठन हो जिससे महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर साथ मिलकरनिर्णायक फैसले लिए जा सकें। निर्भया फंड को भी राज्यों में बांटने की अपील की है।

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