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AAP: दिल्ली में मिली हार के बाद अब पंजाब बचाने की चुनौती से कैसे निपटेंगे केजरीवाल? विधायकों को मिला ये मंत्र

Tue, 11 Feb 2025 09:46 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Tue, 11 Feb 2025 09:46 PM IST
सार

Arvind Kejriwal: दिल्ली में मिली हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के विधायकों-मंत्रियों को जनता की सेवा में पूरी ताकत के साथ जुटने का मंत्र दिया है। इसके साथ ही उन वादों को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है

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After defeat in Delhi how will Kejriwal deal with the challenge of saving Punjab?
अरविंद केजरीवाल - फोटो : X/AAP

विस्तार

 दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की करारी हार के बाद 'दिल्ली मॉडल' पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मॉडल केजरीवाल की दिल्ली की सत्ता बचाने में नाकाम साबित हुआ है, ऐसे में अब इस मॉडल के सहारे पार्टी दूसरे राज्यों में वोट भी नहीं मांग सकेगी। अब पार्टी को एक दूसरे जिताऊ मॉडल की जरूरत है। केजरीवाल की यह जरूरत पंजाब में पूरी हो सकती है जहां फिलहाल उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब की सरकार बचाने की है। पंजाब के विधायकों के साथ हुई बैठक में अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान सरकार को वही मंत्र दिया है जिसके सहारे पार्टी की लोकप्रियता को न केवल बढ़ाया जा सके, बल्कि अगले चुनावों में सरकार की वापसी की राह भी तैयार की जा सके।

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पार्टी सूत्रों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के विधायकों-मंत्रियों को जनता की सेवा में पूरी ताकत के साथ जुटने का मंत्र दिया है। इसके साथ ही उन वादों को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है जिसे करके पार्टी पंजाब में सत्ता में आई थी। इसका सीधा अर्थ यह है कि पंजाब सरकार अब जल्द ही महिलाओं को एक-एक हजार रुपये देने की योजना पर मुहर लगा सकती है। इसे ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए दूसरे राज्यों में इसी तरह की योजनाओं को देखते हुए इस सम्मान राशि को बढ़ाया भी जा सकता है। इसके अलावा दलित छात्रों के लिए विशेष योजनाओं, महिलाओं और युवाओं को जल्द से जल्द बेहतर योजनाओं का लाभ देने की कोशिश की जा सकती है। 
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दरअसल, दिल्ली की हार के बाद कांग्रेस और भाजपा पंजाब को लेकर हमलावर हो गए हैं। पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर भगवंत मान पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। अरविंद केजरीवाल जानते हैं कि यदि सरकार कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने में असफल रहती है तो आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस-भाजपा इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकते हैं। यही कारण है कि अब जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए काम करने के लिए कहा गया है।  
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बदलाव की बात बेबुनियाद- आप  
आम आदमी पार्टी नेता संजीव कौशिक ने अमर उजाला से कहा कि पंजाब में बदलाव की बात बेबुनियाद है। यह अफवाह उड़ाकर कांग्रेस पंजाब में बढ़त हासिल करना चाहती है, लेकिन उनके सभी विधायक-मंत्री उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं-बच्चों के लिए बेहतर सुविधा देना ही आम आदमी पार्टी की राजनीति का मूल मंत्र रहा है, आज की बैठक में भी अरविंद केजरीवाल ने विधायकों को सेवा करके जनता के करीब जाने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के बारे में अफवाह फैलाकर कांग्रेस और भाजपा को कुछ भी हासिल नहीं होने जा रहा है। वे लगातार दूसरी बार भी सत्ता में आने में कामयाब रहेंगे। 
 

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