सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिलते ही शुरू हो जाएगा रात में ताज का दीदार
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अब चांदनी रात में महताब बाग से भी ताजमहल का दीदार किया जा सकेगा। एएसआई और पुलिस ने यमुना किनारे महताब बाग की ओर से ताजमहल के नाइटव्यू की पूरी प्लानिंग कर ली है। सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने सिक्योरिटी प्लान भी दाखिल कर दिया है। अब बस सुप्रीम कोर्ट की अनुमति का ही इंतजार है। सूत्रों की मानें तो शरद पूर्णिमा तक यह अनुमति मिल सकती है।
शरद पूर्णिमा पर ताजमहल के नाइटव्यू के लिए टिकटों का टोटा पड़ता रहा है। पांच दिन आधा-आधा घंटे के बैच में एक दिन में अधिकतम 400 सैलानी ही ताज देख पाते हैं लेकिन अब महताब बाग से ताज रात्रि दर्शन का ख्वाब साकार होता नजर आ रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर मंत्रालय को भेजी थी। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में भी दाखिल कर दी गई है। पुलिस और एएसआई दोनों ही विभागों का रुख सकारात्मक रहने से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बाग से नाइटव्यू शुरू हो सकता है।
अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम ने बताया कि एएसआई महानिदेशक पहले ही ताजमहल रात्रि दर्शन के लिए महताब बाग को खोलने की मंजूरी दे चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति पाने के लिए डीजी आफिस को सभी फाइल भेज दी गई हैं। हमारी तैयारी पूरी है। अनुमति मिलते ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
चांदनी बाग से ही होता था दीदार
केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री पद नाइक और उनके बाद अब डा. महेश शर्मा महताब बाग से ताजमहल के नाइटव्यू की फाइल बढ़वा चुके हैं। उनकी रुचि के बाद ही एएसआई अधिकारियों को अंर्तविरोधों के बाद भी महताब बाग को रात में खोलने पर सहमति जतानी पड़ी।
ताजमहल के मौजूदा नाइटव्यू की तरह महताब बाग के लिए भी पूरा सिक्योरिटी प्लान पुलिस ने तैयार कर हाल में ही दाखिल किया है। ताजमहल के ठीक पीछे यमुना नदी के किनारे बने महताब बाग को कभी चांदनी बाग के नाम से भी जाना जाता था।
20 साल पहले 1996 में उत्खनन के बाद महताब बाग को फिर से विकसित किया गया। ताजमहल में रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म से ताज की दूरी ज्यादा है, जबकि महताब बाग से कम। यही नहीं, पूर्णिमा पर चांद की रोशनी में महताब बाग की ओर से ताज ज्यादा बेहतर नजर आता है।