{"_id":"5bf23978bdec22697652bba7","slug":"after-amritsar-mishap-indian-railways-will-build-3-000-km-wall-to-guard-tracks","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैक्स की सुरक्षा के लिए रेलवे का फैसला, 3,000 किलोमीटर की दीवार बनाकर लोगों को रखेगा दूर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ट्रैक्स की सुरक्षा के लिए रेलवे का फैसला, 3,000 किलोमीटर की दीवार बनाकर लोगों को रखेगा दूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 19 Nov 2018 09:48 AM IST
विज्ञापन
रेलवे ट्रैक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतसर में पिछले साल हुए हादसे से सबक लेते हुए भारतीय रेलवे ने एक फैसला लिया है। रेलवे ने अपनी पटरियों पर फेंस लगाने और आवासीय क्षेत्रों के लोगों को रोकने के लिए 3,000 किलोमीटर की दीवार का निर्माण करने का फैसला किया है। अमृतसर में हुई दुर्घटना के बाद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने यह फैसला लिया है। अमृतसर हादसे में 60 लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा तब हुआ था जब लोग रावण दहन देखने के लिए रेलवे ट्रैक पर इकट्ठा हुए थे।
विज्ञापन
भारतीय रेलवे का अनुमान है कि इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उपनगरीय और गैर उपनगरीय क्षेत्रों में आवासीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले रेलवे ट्रैक्स में 2.7 की ऊंचाई वाली आरसीसी की दीवारे बनाई जाएंगी। रेलवे बोर्ड सदस्य (इंजीनियरिंग) विश्वेष चौबे जो इस परियोजना को अंतिम रूप दे रहे हैं उन्होंने कहा, 'इन दीवारों से ट्रैक के करीब बसीं बस्तियों के लोग और जानवर आसानी से ट्रैक पर नहीं आ सकेंगे। इसके अलावा इसकी ऊंचाई के कारण ट्रैक पर कूड़ा भी नहीं फेंकना भी आसान नहीं होगा।'
विज्ञापन
रेलवे सुरक्षा आयोग ने निर्धारित किया है कि 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करने के लिए रेलवे पटरियों पर फेंस लगाने या दीवार बनाने की जरूरत होगी। सूत्रों ने कहा कि बहुत सी ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जानी है ऐसे में ट्रैक पर दीवार बनाना आवश्यक हो गया है। अतिसंवेदनशील इलाकों में बाउंड्री वॉल को बनाने की योजना पर काम रहो रहा है जिसमें गोल्डन क्वाड्रिलेटरल (नेशनल हाईवे नेटवर्क) भी शामिल हैं।
विज्ञापन
अमृतसर की घटना से पहले क्षेत्रीय रेलवे ने समस्या वाले क्षेत्र के तौर पर चिन्हित किए गए कुछ क्षेत्रों में 2,000 किलोमीटर की दीवारों का निर्माण करने की योजना बनाई थी। 2018-19 के बजट के हिस्से के रूप में इस काम की लागत 650 करोड़ रुपये अनुमानित की गई थी। जिसके लिए राष्ट्रीय रेल संरक्षण कोष फंड प्रदान करेगा। पांच सालों में इस फंड के तहत 1 करोड़ रुपये को सुरक्षा पर खर्च किया जाना है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है और अगले महीने तक यह फाइनल हो जाएगा।