Delhi: भारत में अफगान दूतावास ने परिचालन बंद करने की घोषणा की, बयान में बताई ये वजहें
अफगान दूतावास ने एक बयान में कहा कि वह 'मेजबान सरकार से समर्थन की कमी', अफगानिस्तान के हितों की अपेक्षाओं को पूरा करने में विफलता और संसाधन तथा कर्मियों की कमी चलते एक अक्तूबर से अपना परिचालन बंद कर रहा है।
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अफगानिस्तान के दूतावास ने भारत में अपना परिचालन बंद कर दिया है। नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास ने शनिवार रात को इसकी आधिकारिक घोषणा की। दूतावास ने एक बयान में कहा कि वह 'मेजबान सरकार से समर्थन की कमी', अफगानिस्तान के हितों की अपेक्षाओं को पूरा करने में विफलता और संसाधन तथा कर्मियों की कमी चलते एक अक्तूबर से अपना परिचालन बंद कर रहा है।
नई दिल्ली में अफगान दूतावास ने अपना परिचालन बंद करने पर खेद जताया और कहा कि हम बेहद दुख, अफसोस और निराशा के साथ नई दिल्ली में अफगानिस्तान के दूतावास का परिचालन बंद करने के फैसले की घोषणा करते हैं। दूतावास ने कहा कि अफगानिस्तान और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों और लंबी साझेदारी को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया।
The Embassy of Afghanistan in New Delhi issues press statement, announces the decision to cease its operations, effective October 1, 2023. pic.twitter.com/iI4nQhq3aj
— ANI (@ANI) September 30, 2023
दूतावास ने 'मेजबान सरकार से समर्थन की कमी' का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि उसने मेजबान (भारत) सरकार से महत्वपूर्ण समर्थन की कमी का अनुभव किया है, इससे अपनी जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से पूरा करने की क्षमता में बाधा उत्पन्न हुई है। मिशन ने कहा, हम भारत में राजनयिक समर्थन की कमी और काबुल में वैध सरकार न होने के कारण अफगानिस्तान और उसके नागरिकों के सर्वोत्तम हितों की सेवा के लिए आवश्यक अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को पूरा करने में अपनी कमियों को स्वीकार करते हैं।
बयान में कहा गया है कि राजनयिकों के लिए वीजा नवीनीकरण से लेकर सहयोग के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समय पर और पर्याप्त समर्थन की कमी के कारण हमारी टीम में निराशा पैदा हुई और नियमित कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने की हमारी क्षमता बाधित हुई। इन परिस्थितियों को देखते हुए हमने मेजबान देश को मिशन के संरक्षक अधिकार के हस्तांतरण तक अफगान नागरिकों के लिए आपातकालीन कांसुलर सेवाओं को छोड़कर मिशन के सभी संचालन को बंद करने का कठिन निर्णय लिया है।